सुबह हुई मूसलाधार बरसात से कई सड़कें हुईं जलमग्न
गांधी ग्राउंड रोड पर शाम तक जमा रहा पानी, हुई दिक्कत
मानसून ने दस्तक दे दी है। शनिवार तड़के हुई मूसलाधार बरसात के बाद जहां लोगों ने उमस भरी गर्मी से राहत महसूस की, वहीं कई जगह हुए जलभराव ने नगर पालिका परिषद की सफाई व्यवस्था की कलई भी खोलकर रख दी। शहर में कई स्थानों पर स्थिति यह हो गई कि बरसात का पानी नाले-नालियों से निकलकर सड़कों पर भर गया। गांधी ग्राउंड रोड पर तो बरसाती पानी देर शाम तक भरा रहा। लिहाजा, इधर से गुजरने वालों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
शुक्रवार देर रात काले बादल छा गए। सुबह तड़के झमाझम बरसात होने लगी। एक घंटे से भी अधिक समय हुई बरसात के बाद तापमान में गिरावट हुई। बरसात के कारण शहर के गांधी ग्राउंड रोड, बाबूराम मार्केट, एसके इंटर कालेज, रोडवेज, प्राइवेट बस स्टैंड, गोपी चौक, मुख्य बाजार, पुराना बाजार, मढ़ई चौक, स्टेशन रोड, पनवड़िया में जलभराव हो गया। बरसात रुकने के काफी समय तक इन सड़कों पर पानी भरा रहा। चूंकि, सुबह का वक्त था, इसलिए आवागमन ज्यादा नहीं था।
नाले-नालियों की कीचड़ सड़कों पर बहने लगी। गांधी ग्राउंड मंदिर रोड पर देर शाम तक भी पानी भरा रहा। जिस वजह से इस रोड से गुजरने वालों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। शनिवार को बरसात के कारण शाम तक मौसम सुहावना बना रहा। शाम को फिर से बादल छा गए। हवा भी चलने लगी।
कैसी हुई तलीझाड़ सफाई
बदायूं। हर साल मानसून आने से पहले नगर पालिका परिषद द्वारा शहर के प्रमुख नाले-नालियों की तलीझाड़ सफाई कराई जाती है। इस बार भी 27 लाख रुपया खर्च कर शहर के नालों की सफाई कराने का दावा पालिका प्रशासन द्वारा किया गया था। लोगों का कहना है कि इस बार पालिका ने सफाई के नाम पर औपचारिकता की हैं। यही वजह है कि थोड़ी बरसात के बाद ही नाले-नालियों की कीचड़ सड़कों पर आ गई।
किसानों के चेहरे खिले
बदायूं। शनिवार की बरसात ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों को भी फायदा हुआ है। कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बरसात से धान और गन्ने की पैदावार करने वाले किसानों को लाभ मिलेगा।