मांगों का ज्ञापन एफएसडीए अधिकारी को देते व्यापारी। स्रोत- व्यापारी संगठन
बदायूं। फूड विभाग की कथित विसंगतियों और उत्पीड़न के विरोध में व्यापारियों ने मंगलवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, नई दिल्ली के नाम संबोधित 18 सूत्री मांगपत्र सहायक आयुक्त ग्रेड-2 सीएल यादव को दिया।
जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता ‘शोंटू’ ने कहा कि वर्तमान में 12 लाख रुपये वार्षिक टर्नओवर तक के व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन की श्रेणी में रखा गया है, जिसे बढ़ाकर 40 लाख रुपये किया जाए। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत फूड लाइसेंस न होने पर सजा के प्रावधान को समाप्त किया जाए। उन्होंने मांग की कि सभी ऑनलाइन एवं फूड चेन सप्लाई करने वाले व्यक्तियों व कंपनियों को भी नियमानुसार रजिस्ट्रेशन एवं लाइसेंस के दायरे में लाया जाए।
प्रदेश मंत्री पवन जैन ने कहा कि प्रत्येक जिले में एक ही रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी नियुक्त की जाए। किसी उत्पाद में कमी पाए जाने पर केवल पैकिंग करने वाली फर्म या कंपनी को ही जिम्मेदार ठहराया जाए, जबकि थोक व खुदरा व्यापारियों को दंडित न किया जाए।
जिला कोषाध्यक्ष अमित वैश्य ने कृषि में अंधाधुंध कीटनाशकों व रासायनिक खाद के प्रयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि दूषित जल और रसायनों के कारण खाद्यान्न में हानिकारक तत्व बढ़ रहे हैं, जिससे कैंसर जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। अतः वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप खाद्य पदार्थों के मानक तय किए जाएं।
जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लांबा ने कहा कि 5 करोड़ रुपये तक टर्नओवर वाले निर्माताओं से ऑनलाइन सालाना व छमाही रिटर्न की अनिवार्यता समाप्त की जाए। प्रदर्शन में प्रदेश मंत्री अवधेश वर्मा, जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी, जिला महामंत्री संजीव आहूजा, उद्योग मंच जिलाध्यक्ष सर्वेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे।