तहसील क्षेत्र के गांव बांस बरोलिया निवासी गुड्डू पुत्र बांके लाल ने एसडीएम को बताया कि मंगलवार की रात करीब आठ बजे उसकी पत्नी अनीता को प्रसव पीड़ा हुई, तभी उसने गांव की आंगनबाड़ी आशा माहेश्वरी एवं दाई को बुलाया। जिस पर वह अनीता को लेकर स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर करीब 10 बजे आई। आरोप है कि मौके पर मौजूद महिला चिकित्सक ने उससे पांच सौ रुपये जमा करने को कहा। उसके रुपये न होने की बात कही तो डाक्टर ने अनीता को वार्ड में भर्ती करने से मना कर दिया। पत्नी प्रसव पीड़ा से कराहती हुई अस्पताल के बाहर बैठी रही। करीब रात के डेढ़ बजे उसने पुत्री को जन्म दिया।
उसका कहना है कि ऐसे में विभागीय कर्मचारियों द्वारा बरती गई लापरवाही के कारण उसकी पत्नी एवं नवजात की जान भी जा सकती थी। उसने एसडीएम से मामले की जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। इस मामले में जब महिला चिकित्सक से संपर्क करना चाहा तो वह केंद्र पर नहीं मिलीं।