बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मौजूद एआरपी। संवाद
बदायूं। निपुण भारत मिशन के तहत मंगलवार को बदायूं और शाहजहांपुर जनपद की संयुक्त निपुण संकल्प कार्यशाला नवादा स्थित एक होटल में हुई। इसमें दोनों जिलों के शिक्षा अधिकारियों ने कई शैक्षिक गुणवत्ता सुधार, नवाचार और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) गामिनी सिंगला ने कहा कि हर बच्चे को निपुण बनाना हम सभी का संकल्प होना चाहिए। बच्चों को रोचक गतिविधियों के माध्यम से भाषा और गणित की अवधारणाएं सिखाई जाएं, ताकि उनकी तार्किक क्षमता, समझ और सीखने की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो सके।
सीडीओ ने शिक्षकों से शिक्षण को अधिक गतिविधि आधारित और छात्र-केंद्रित बनाने पर जोर दिया। राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ से आए विशेषज्ञ शिवेश कुमार ने प्रतिभागियों को शैक्षिक सत्र 2026-27 की अकादमिक रणनीति, शैक्षिक कैलेंडर, परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण के निष्कर्ष, बाल वाटिका के प्रभावी संचालन, कक्षा एक से पांच तक की दक्षताओं, लक्ष्य आधारित शिक्षण, शिक्षक संदर्शिका, टूल किट के उपयोग व कैच-अप शिक्षण की रणनीतियों की जानकारी दी।
उन्होंने निपुण विद्यालय के निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से हासिल करने के लिए शिक्षकों और अधिकारियों की भूमिका पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं कार्यशाला में बदायूं डायट प्राचार्य राकेश कुमार, शाहजहांपुर डायट की प्राचार्य सोनिया गुप्ता व शाहजहांपुर के बीएसए जयशंकर श्रीवास्तव ने भी शिक्षा की गुणवत्ता सुधार और निपुण भारत मिशन के प्रभावी क्रियान्वयन पर अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के अंत में दोनों जिले से आए प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। बदायूं बीएसए नवीन कुमार ने कहा कि कार्यशाला से मिले सुझावों को विद्यालय स्तर पर लागू कर बच्चों की बुनियादी भाषा और गणितीय दक्षताओं को और मजबूत बनाया जाएगा।