शासन की महत्वाकांक्षी योजना पर बदायूं में लग रहा ग्रहण
लोगों को नहीं मिला रहा स्वास्थ्य कैंपों और मेला का लाभ
प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वास्थ्य सेतु योजना के तहत जिले के दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की योजना को जिले में ग्रहण लग रहा है। दवाओं की किल्लत की वजह से लोगों को पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्वास्थ्य सेतु मेला और कैंपों का पूरा लाभ नहीं मिल रहा। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी दवाओं की किल्लत की बात से इंकार कर रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने पिछले दिनों एक आदेश जारी कर सभी जिलों के सीएमओ का आदेश दिया था कि जिलों में हर सप्ताह एक बार दूरस्थ इलाकों में स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया जाएगा। कैंप में विशेषज्ञ चिकित्सकों की मौजूदगी का भी आदेश दिया गया था। जिले में स्वास्थ्य मेलों का आयोजन तो शुरू हो गया है लेकिन, गौर करने वाली बात यह है कि स्वास्थ्य विभाग के पास दवाओं के साथ विशेषज्ञों की किल्लत है। जिले में कोई कार्डियोलॉजिस्ट नहीं है। नाक, कान, गला विशेषज्ञ भी एक ही है। विशेषज्ञों और दवाओं की किल्लत की वजह से जिले के दूरस्थ इलाकों में लोगों को मेलों और स्वास्थ्य कैंपों का लाभ मिलता नहीं दिख रहा।
-------
एंटीबायोटिक के नाम पर कुछ नहीं
बदायूं। स्वास्थ्य विभाग के पास एंटीबायोटिक दवाओं के नाम पर कुछ भी नहीं है। जिले के किसी भी सीएचसी और पीएचसी पर लंबे समय से एंटीबायोटिक दवाओं की उपलब्धता न होने की वजह से लोगों को यह दवाएं बाहर से खरीदनी हो रही हैं। गौर करने वाली बात यह है कि एंटीबायोटिक ऐसी दवाएं हैं जो अमूमन सभी प्रकार की बीमारियों में मरीज को दी जाती हैं।
---
दवाओं की किल्लत संबंधी कोई बात नहीं है। मेलों का आयोजन शुरू कर दिया गया है। जो दवाएं खत्म हो गई हैं उनकी नियमानुसार खरीद के लिए प्रक्रिया चल रही है। जल्द दवाओं की सप्लाई मिलने की उम्मीद है।
-डॉ. नेमी चंद्रा, सीएमओ