फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budaun News: मौत के गड्ढे... खोदकर नहीं पाटे और बारिश में बने जानलेवा

विज्ञापन
गांव सदुल्लागंज के इसी बारिश के पानी भरे गड्डे में डूबकर हुई किशोर की मौत। संवाद
विज्ञापन
बदायूं। जिला प्रशासन की उदासीनता की वजह से खेतों में खोदे गए गड्ढे अब बारिश के समय में जानलेवा साबित हो रहे है। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण और ईंट भट्ठा संचालकों में खेतीहर में आठ से 10 फीट गहरे गड्ढे कर दिए गए हैं। इससे अब बारिश का पानी भरने से गड्ढों ने तालाब का रूप ले लिया है। इन जोखिम भरे गड्ढों को जिम्मेदारों ने खुदवा तो दिया, लेकिन पाटने की ओर बिल्कुल ध्यान नहीं दिया। दो दिन के अंदर ही बिल्सी व दातागंज क्षेत्र में इन्हीं गड्ढों में डूबकर तीन बच्चों की मौत हो चुकी है।
विज्ञापन

जिले के दातागंज, मूसाझाग, बिसौली, वजीरगंज, कुंवरगांव, बिनावर समेत इससे सटे क्षेत्र में मिट्टी की खोदाई की गई है। यहां अब जगह- जगह गहरे गड्ढे हो गए। इन गड्ढों को पाटने का कोई फैसला नहीं लिया गया। बारिश के पानी से तालाब में तब्दील हो गए। यह गड्ढे लोगों के लिए काल साबित हो रहे है। औसतन घटनाओं में नाबालिग बच्चे इन गड्ढों में अंजाने में नहाने पर हादसे के शिकार हो रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि औसतन गड्ढे गंगा एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए मिट्टी उठान के लिए खोदे गए थे। इसके अलावा ईंट भट्ठे पर इस्तेमाल करने की खोदाई की गई। कुंवरगांव थानाक्षेत्र के कसेर पनौट, अर्सिस बार्खिन रोड, बिसौली क्षेत्र के गांव सिद्धपुर कैथोली के खेतों में आठ से 10 फीट गहरे गड्ढे है।

मानक के विपरीत खोदे गए गड्ढे
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के सदुल्लागंज निवासी रामसिंह, श्यामवीर, मनोज व रामसहीश ने बताया, गांव ही बल्कि मूसाझाग से दातागंज तक सैकड़ों की संख्या में गहरे गड्ढे हैं। इन गड्ढों को गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के दौरान खोदे गए थे। यहां तीन से चार फीट तक मिट्टी उठाई जा सकती थी, लेकिन जेसीबी से 20 फीट से अधिक तक गड्ढे खोद दिए गए। दातागंज से बिसौली तक की सीमा में इस तरह के गड्ढे है, लेकिन जिम्मेदारों ने मानक के अनुसार काम न करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की। अगर यह गड्ढे समय से पाट दिए जाते तो यह हादसे नहीं होते है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जहां भी गड्ढों खोदे जाते हैं। वहां पर बैरिकेडिंग करना अनिवार्य है। जिला खनन अधिकारी से इसकी रिपोर्ट मांगी जाएगी।
-अरुण कुमार, एडीएम प्रशासन

गांव सदुल्लागंज के इसी बारिश के पानी भरे गड्डे में डूबकर हुई किशोर की मौत। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें