सहसवान (बदायूं)। गुरुवार को नगर के एक प्राइवेट अस्पताल में छह माह की गर्भवती महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस पर परिवार वालों ने हंगामा कर दिया। चिकित्सक और स्टाफ के लोग मौके से भाग गए। वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने एक कर्मचारी को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
कोतवाली क्षेत्र के ग्राम अलैहदादपुर भूड़ निवासी किशनपाल की पत्नी सुनीता (40) के पेट में गुरुवार सुबह तेज दर्द हुआ था। सुनीता छह माह के गर्भ से थी। उसके पति ने अपने गांव की आशा वर्कर राजेश्वरी को इसके बारे में बताया। आशा ने पहले अल्ट्रासाउंड कराने और फिर स्वास्थ्य केंद्र में दिखाने को कहा। सुबह करीब नौ बजे किशनपाल आशा वर्कर के साथ पत्नी को लेकर अल्ट्रासाउंड सेंटर पर पहुंचा। जैसे ही वो अल्ट्रासाउंड कराकर बाहर निकले कि तभी प्रमोद इंटर कॉलेज के पास स्थित एक प्राइवेट अस्पताल के कर्मचारियों उन्हें रोक लिया। किशनपाल के मुताबिक उन्होंने अच्छे डॉक्टर और बेहतर इलाज का आश्वासन दिया। इस पर परिवार वाले मेडिकेयर अस्पताल में सुनीता को ले गए। जहां उसके ड्रिप लगा दी गई। कुछ देर बाद सुनीता की हालत बिगड़ गई। पति ने सुनीता को रेफर करने को कहा लेकिन अस्पताल स्टाफ ने उसे रेफर नहीं किया। आरोप है कि जब तक महिला मरणासन्न न हो गई, तब तक इलाज के नाम पर लूटा गया और उसके बाद उन्हें अस्पताल के बाहर निकाल दिया। परिवार वाले महिला को स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसकी सूचना पर उसके परिवार वाले और गांव से दर्जनों लोग निजी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मेडिकेयर अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पुलिस को सूचना दी। जिस पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने एक कर्मचारी को हिरासत में ले लिया। बाकी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने पति की तहरीर पर डॉक्टर और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। वहीं शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इधर, प्रभारी सीएमओ डॉ. मंजीत सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मामले की जानकारी कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
महिला को प्राइवेट अस्पताल में लाया गया था। उसके साथ एक आशा वर्कर भी थी। इस मामले में अस्पताल और आशा वर्कर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले जांच कराई जा रही है।
डॉ. मंजीत सिंह, प्रभारी सीएमओ
महिला हमारे यहां आई जरूर थी, लेकिन हमने उसे हालत देखकर रेफर कर दिया था। महिला की मौत हमारे अस्पताल में नहीं हुई है। इसका अस्पताल से कोई लेना देना नहीं है।
डॉ. शाहबाज हुसैन, प्रबंधक मेडिकेयर अस्पताल