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छिपकली गिरी आलू की सब्जी से बने पराठे खाने से युवती की मौत, मां और भाई की हालत गंभीर

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बदायूं/ मूसाझाग। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर बिलहरी में छिपकली गिरी आलू की सब्जी से बने पराठे खाने से भाई-बहन और उनकी मां हालत बिगड़ गई। शनिवार सुबह पड़ोसी तीनों को शहर के एक प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां बरेली रैफर कर दिया गया। बरेली के एक निजी अस्पताल में युवती सत्यवती की मौत हो गई। उसके भाई और मां का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।
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ग्राम रसूलपुर बिलहरी निवासी कलावती (48) पत्नी स्व. नरेशपाल ने शुक्रवार रात आलू की सब्जी मिलाकर पराठे बनाए थे। उस वक्त घर पर कलावती, उनका बेटा श्रीकृष्ण (22) और बेटी सत्यवती (18) थे। कलावती का बड़ा बेटा राजीव पत्नी समेत साले की शादी में ससुराल गया था। परिवार वालों के मुताबिक कलावती और उसके बेटा-बेटी तीनों ने रात करीब आठ बजे आलू की सब्जी के बने पराठे खाये और साथ में दूध भी पिया था। खाना खाने के बाद तीनों सो गए। शनिवार सुबह जागने उनकी अचानक हालत बिगड़ गई। उन्हें उल्टियां होने लगी। इसके बाद तीनों की हालत बिगड़ती चली गई। जब ये जानकारी मोहल्ले के लोगों को लगी, तो वे उनके घर पहुंचे और तीनों को लोगों को शहर के नेकपुर मोहल्ला स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने हालत देखकर सत्यवती को तुरंत बरेली रेफर कर दिया, लेकिन रविवार सुबह युवती की बरेली के प्राइवेट अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजन ने रविवार को युवती का शव घर लाने के बाद कछला गंगा घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया।
इधर, दोनों मां-बेटे का प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि पराठे बनाते वक्त आलू की सब्जी में छिपकली गिर गई थी। पराठे बनाने से बची सब्जी बची सब्जी रसोई में रख दी थी। शनिवार सुबह जागने के बाद उन्हें पता चला कि जिस आलू की सब्जी भरकर पराठे बनाए थे उसमें छिपकली थी।
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तीनों लोगों को शनिवार सुबह अस्पताल लाया गया था। उनमें युवती की हालत ज्यादा गंभीर थी। इससे युवती को तुरंत बरेली रेफर कर दिया था। परिवार वाले तो यही बता रहे थे कि उनके खाने में छिपकली गिर गई थी। अब हकीकत क्या है ये कहना मुश्किल है।
- डॉ. अलंकार सोलकी, इलाज करने वाले चिकित्सक
रसूलपुर बिलहरी में क्या हुआ था। हमें इसकी जानकारी नहीं है और न ही किसी न इसकी सूचना दी है। अगर कुछ पुलिस केस से संबंधित होता तो परिवार वाले जरूर पुलिस को सूचना देते। - ओपी गौतम, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस
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