बदायूं। जिले में स्थित यदु शुगर मिल और दि किसान सहकारी चीनी मिल पर गन्ना किसानों का 115 करोड़ 90 लाख रुपये का भुगतान बकाया है। इनमें अकेले यदु शुगर मिल बिसौली पर पिछले वर्ष का 41 करोड़ 17 लाख रुपये बकाया है। नौ-दस मार्च की होली है। होली की खरीदारी शुरू हो चुकी है। किसानों के सभी त्योहार खेती पर निर्भर होते हैं। चीनी मिलें भुगतान कर नहीं रहीं। प्रशासन खामोश है। इस होली पर गन्ना किसान मायूस हैं। किसानों का कहना है कि गन्ने का भुगतान नहीं हुआ तो होली पर कर्ज लेना होगा या फिर नहीं मनाएंगे।
केंद्र और राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने का दावा कर रही है। इसके लिए कई योजनाएं चलाई गई हैं। मगर यहां जिले भर के गन्ना किसान परेशान हैं। जिले के गन्ना किसानों का इस साल का तो छोड़िए पिछले साल तक के गन्ने का बकाया भुगतान चीनी मिलों ने नहीं किया। जबकि किसान कई बार चीनी मिल प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक से बकाया धनराशि दिलाने की गुहार लगा चुके हैं। पिछले साल शासन के निर्देश पर जिले के अधिकारियों ने चीनी मिलों पर कुछ सख्ती की थी। इसके बाद किसानों को गन्ने का कुछ बकाया भुगतान मिला था। मगर बाद में अधिकारियों ने गन्ना किसानों की तरफ से अपना ध्यान हटा लिया।
यहां बिसौली स्थित यदु शुगर मिल पर गन्ना किसानों के पिछले साल के 41 करोड़ 17 लाख रुपये बकाया हैं। जबकि इस साल के यदु शुगर मिल पर 60 करोड़ तीन लाख रुपये किसानों का भुगतान बकाया है। ऐसे में दोनों साल का कुल 101 करोड़ 20 लाख रुपये बकाया चल रहा है। इधर, शेखूपुर में स्थित दि किसान सहकारी चीनी मिल पर भी इस वर्ष का 14 करोड़ 70 लाख रुपये बकाया है। इन किसानों को अपने गन्ने का भुगतान कब तक मिलेगा कुछ पता नहीं। सिस्टम में बैठे अफसर भी कुछ स्पष्ट बताने को तैयार नहीं है।
होली से पहले नहीं हो सकेगा पूरा भुगतान
अफसरों ने यदु शुगर मिल पर शिकंजा कसना शुरू किया तो मिल प्रशासन कोर्ट की शरण में चला गया था। कोर्ट से मिल प्रशासन को राहत मिल गई थी। विभाग के अनुसार कोर्ट ने भुगतान के लिए यदु शुगर मिल को 15 मार्च तक समय दिया है। जबकि होली 10 मार्च की है। ऐसे में किसानों को बकाया भुगतान मिलना मुश्किल है।
क्या बोले किसान
चीनी मिल को गन्ने देकर किसान तो बर्बादी की कगार पर पहुंच गया है। हालात ये है कि अब तो किसान कर्ज के तले दबता ही जा रहा है। प्रशासन गन्ना किसानों की तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। अगर प्रशासन सख्ती दिखाता, तो शायद आज जैसे हालात नहीं होते।
- सुभाष सिंह, गुलड़िया
गन्ना किसानों की न तो चीनी मिल मजबूरी देखता है और न ही प्रशासन। तभी तो यह हालात आज के समय में गन्ना किसानों परेशान है। अब होली आने वाली है। ऐसे में त्योहार फीका रहने की उम्मीद है। - अभिषेक सिंह, गुलड़िया
चीनी मिल पर गन्ना किसानों को बकाया आ रहा है। उनको दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया जा चुका है। - राम किशन, जिला गन्ना अधिकारी