आंकड़ेबाजी के खेल में स्वास्थ्य विभाग सबका गुरु साबित हो रहा है। डेथ ऑडिट के बहाने अपनी नाकामी छिपाने का मौका मिला तो दर्जनों मौतों के कारणों में फेरबदल कर दिया। पहले तो विभाग यही मानने को तैयार नहीं है कि बुखार से 250 से अधिक लोगों की मौत हुई है। वह मात्र 38 लोगों की बुखार से मौत मान रहा है। वहीं दूसरी ओर अपनी रिपोर्ट में कई मृतकों को जवान से वृद्ध बना दिया तो दर्जनों लोगों की मौत खून की कमी से बताई गई है। एक महिला 14 सितंबर को मरी थी, उसकी झूठी रिपोर्ट ऐसी बनाई कि उसे तीन साल पहले ही मृत बता दिया गया।
करीब 55 वर्षीय महिला शफीकन समरेर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम वौरा की रहने वाली थी। उसकी मौत 14 सितंबर 2018 को हुई थी। शफीकन को कई दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वाले उसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा रहे थे। परंतु उसकी हालत में सुधार नहीं हो सका। आखिरकार उसकी मौत हो गई। उसी दिन परिवार वालों ने महिला के शव को कब्रिस्तान में दफन किया था। इधर, स्वास्थ्य विभाग की माने तो शफीकन की उम्र 55 वर्ष नहीं 80 साल थी। उनकी मौत 14 सितंबर 2018 को नहीं, बल्कि तीन साल पहले हुई थी। इधर, छह सितंबर को जगत ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पडौलिया निवासी हरीशचंद्र के 12 वर्षीय बेटे सोनू उर्फ टर्री की मौत हुई थी। परिवार वालों की माने तो उसे तेज बुखार आया था। उल्टियां भी हो रहीं थीं। परिवार वाले उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए थे। जहां उसकी मौत हो गई। जबकि स्वास्थ्य विभाग सोनू की मौत हेपेटाइटिस से बता रहा है। इसी ब्लाक के ग्राम मोहम्मद नगर सुलरा निवासी 20 वर्षीय सूरजपाल पुत्र रामअवतार की सात सितंबर को बुखार से मौत हुई थी। परिवार वालों के मुताबिक बुखार की वजह से उनके बेटे ने कुछ खाया-पिया नहीं था। स्वास्थ्य विभाग उसकी मौत खून की कमी से बताई है। परंतु इसको स्पष्ट नहीं किया कि बुखार आने से खून की कमी हुई या खून की कमी से बुखार आया। स्वास्थ्य विभाग ने सिर्फ गिने-चुने लोगों के मृत्यु के कारण नहीं बदले हैं, बल्कि जो भी बुखार का शिकार हो रहा है। उनकी मौत अपने हिसाब से ही लिख रहा है। अब तक 250 लोगों की मौत हुई है और विभागीय रिपोर्ट में यह सिर्फ 38 है, यह सिर्फ आंकड़ेबाजी के खेल का नतीजा है।
इनकी बताई खून की कमी से मौत
-ग्राम मौजमपुर निवासी कुसुमा (9) पुत्री चंद्रपाल, रजनी (7) पुत्री मान सिंह, कमालपुर निवासी मीनाक्षी (5) पुत्री विजेंद्र यादव, उझानी के ग्राम गठौना निवासी अन्नया (10 माह) पुत्री आशीष ठाकुर। कुछ लोगों का मृत्यु का कारण उल्टी बताया गया है तो कुछ में अन्य बीमारियां बताई गई हैं।
मायके में मौत, विभाग बोला हमसे मतलब नहीं
-समरेर ब्लाक क्षेत्र के ग्राम कैल्याई निवासी 23 वर्षीय सोनी पत्नी सतीश अपने मायके आकर बीमार हो गई। मायके में ही उसकी बुखार से मौत हो गई। इधर, स्वास्थ्य विभाग की माने तो सोनी का जिले से कोई मतलब नहीं है। उसका मायका बरेली में है।