तमाम अटकलों पर विराम लगाते हुए दातागंज नगर पंचायत को नगर पालिका परिषद का दर्जा आखिर मिल ही गया। शासन ने शुक्रवार को इसकी विधिवत घोषणा भी कर दी है। इस प्रकार दातागंज जिले की सातवीं नगर पालिका परिषद बन गई है। नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलने की सूचना मिलते ही नगर में खुुशी की लहर दौड़ गई। जगह-जगह मिष्ठान वितरण करके और पटाखे चलाकर लोगों ने खुशी का इजहार किया।
नगर पंचायत को नगर पालिका परिषद का दर्जा दिलवाए जाने में चेयरमैन राजीव गुप्ता पिछले चार वर्षों से प्रयासरत थे। उनके द्वारा कई बार औपचारिकताएं पूरी कर शासन को भेजी गईं थीं। बसपा और सपा के शासनकाल में डीएम से लेकर सचिव स्तर के अधिकारियों को पालिका परिषद को संस्तुतियां गईं लेकिन कोई न कोई अड़ंगा लग जाता था। पिछले एक वर्ष से नगर पंचायत को पालिका परिषद में बदले जाने की उम्मीद बलवती हो गई थी। 30 मार्च को शासन ने पालिका परिषद का दर्जा दिए जाने को अनंतिम सूचना जारी की थी। साढ़े चार महीना बाद पालिका परिषद बनाने की शासन ने विधिवत घोषणा कर दी है। इस संदर्भ में चेयरमैन राजीव गुप्ता ने बताया कि नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलने के बाद नगर के विकास के लिए नए आयाम खुलेंगे। नगर पालिका परिषद बनने के बाद लाभ का हकदार दातागंज का हर नागरिक होगा।
दातागंज को नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलने की सूचना मिलते ही कस्बा के अलावा आसपास के गांवों में भी खुशी का माहौल है। लोग मिष्ठान बांटकर और पटाखे दागकर खुशी का इजहार करते देखे गए।
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दातागंज को नगर पालिका परिषद का दर्जा दिलाए जाने की पूरी प्रक्रिया बसपा शासनकाल में शुरू की गई थी। बसपा ने उस समय तमाम औपचारिकाताएं पूरी कराईं थीं। पालिका परिषद का दर्जा मिलने में बसपा शासन काल की अहम भूमिका रही है।
- सिनोद शाक्य, क्षेत्रीय बसपा विधायक
दातागंज को नगर पालिका परिषद का दर्जा देने के साथ ही सपा सरकार ने यह साबित कर दिया है कि हम विकास को तरजीह देते हैं। नगर पालिका परिषद का दर्जा मिलने के बाद दातागंज का और अधिक विकास होगा।
- प्रेमपाल सिंह यादव, पूर्व क्षेत्रीय सपा विधायक