बदायूं। कोहरे में हाईवे पर सफर करना सुरक्षित नहीं है। हाईवे पर अधिकतर लाइटें खराब पड़ीं हैं। इसके चलते हादसा होने का खतरा बना रहता है। इसी तरह शहर के सीमावर्ती क्षेत्र भी लाइटें नहीं जलने से हादसा होने की आशंका रहती है। खासतौर पर सड़क पर अचानक आने वाले गोवंशीय पशु रात के समय दूर से नजर नहीं आते हैं।
नए बाइपास पर स्ट्रीट लाइटें नही लगीं हैं। दिन ढलते ही अंधेरा पसर जाता है। डिवाइडर और संकेतक क्षतिग्रस्त हैं, जो हादसे का खतरा बन गए हैं। एमएफ हाईवे को जाेड़ने के लिए शहर के पुलिस लाइंस चौराहे के पास से ओवरब्रिज बना हुआ है। जो शहर को पार कराने के बाद आवास विकास के पास समाप्त होता है। यहां की पड़ताल में सामने आया कि खंभे तो लगे हैं, लेकिन इनपर लगीं स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ीं हैं। रात के समय और घने कोहरे में अंधेरा छा जाने से यहां आए दिन दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। जिम्मेदार विभागीय अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस ओवरब्रिज पर कई हादसे हो चुके हैं।
शहर से जाने वाले एमएफ हाईवे पर आंवला-बिसौली तिराहे के पास अंधेरा छाया हुआ है। यहां हाईवे पर लाइटें लगी तो लगीं हैं, लेकिन जल नहीं रहीं हैं। इसकी वजह से पूरा रास्ता अंधेरे में डूबा रहता है। हादसे होने का खतरा बना रहता है। पिछले दिनों कोहरा की वजह से कई हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी इस ओर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया है।
वहीं, शहर से बरेली जाने वाले हाईवे पर नवादा चौकी के बाद से अंधेरा शुरू हो जाता है। ऐसे में शहर से निकलने के बाद कई बार बढ़े हादसे हो चुके हैं। लेकिन हादसे के पीछे लाइटों को किसी ने जिम्मेदार ही नहीं समझा है। -
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ओबरब्रिज पर लाइटें न होने से हादसे का खतरा
-स्थानीय ओवरब्रिज एवं बाइपास जैसे महत्वपूर्ण रोड पर पथ प्रकाश एवं सांकेतिक बोर्ड न होने अक्सर दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है। प्रशासन तत्काल इसपर संज्ञान ले। ओवरब्रिज पर लाइटें न जलने से हादसों की आशंका बनी रहती है। विभागीय अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। जिम्मेदार विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए।-नवनीत गुप्ता शोंटू, जिलाध्यक्ष, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
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इस समय कोहरे की वजह से एक कदम भी कुछ दिख नहीं रहा है। गन्ने से लदे ट्रैक्टर-ट्राॅली रात को ही निकल रहे हैं। रात में बदायूं से लेकर बिसौली यदु सागर मिल तक करीब 40 किलोमीटर तक हाईवे पर गन्ने से भरी ट्रॉलियां निकल रहीं हैं। हाईवे पर लाइट न लगे होने से घने कोहरे में कुछ भरी नहीं दिख रहा है। अंधेरा होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। -सर्वेश गुप्ता, व्यापारी
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कोट,
नए बाइपास पर अभी काम चल रहा है। पहले जो लाइटें लगी हुईं थी, उनको लगातार सही कराया जाता रहा है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो लाइट खराब हैं, उनको ठीक कराया जाए, ताकि राहगीरों को परेशानी न हो। - उत्कर्ष शुक्ला, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
ओवरब्रिज पर लाइटों को कई बार ठीक कराया गया है। अगर लाइटें खराब हो गईं है तो इनकाे दिखवाकर तत्काल ठीक कराया जाएगा। कोहरे में लाइटों का ठीक होना अति आवश्यक है। - वंदना सोनकर, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी, निर्माण खंड द्वितीय
आंवला-बिसौली तिराहे से हाईवे पर नहीं लाईंटे। संवाद
आंवला-बिसौली तिराहे से हाईवे पर नहीं लाईंटे। संवाद
आंवला-बिसौली तिराहे से हाईवे पर नहीं लाईंटे। संवाद