बदायूं। डग्गामारी रोकने के लिए अब ऑटो, ई-रिक्शा को कोड दिया जाएगा। कोड देने के साथ ही ऑटो और ई-रिक्शा का पूरा डाटा भी रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। किस नंबर के ऑटो, ई-रिक्शा का मालिक कौन है और उनको कौन चला रहा है। इन सभी के मोबाइल नंबर और पते रजिस्टर में दर्ज होंगे। इसी सप्ताह कोड संबंधी स्टीकर लगाने का काम चालू हो जाएगा। शहर में संचालित होने वाले ऑटो, ई-रिक्शा को सी-वन कोड दिया गया है। संचालन की मॉनीटरिंग सीओ सिटी करेंगे।
शहर में ऑटो और ई-रिक्शा का संख्या बेहताशा बढ़ गई है। इनके अव्यवस्थित संचालन के कारण यातायात व्यवस्था चरमराई रहती है। चौराहों और बाजारों में जाम तो आम बात है। ऑटो, ई-रिक्शा संचालन मनमाने ढंग से संचालन करते हैं। इतना ही नहीं कई रूटों पर जमकर डग्गामारी भी होती है। यूं तो शहर में दातागंज तिराहा, मंडी समिति और लालपुल पर ऑटो स्टैंड बनाए गए हैं। इसके पीछे मंशा है कि शहर से बाहर संचालित होने वाले ऑटो और ई-रिक्शा का शहर में प्रवेश न हो। इसके बाद भी विभिन्न रूटों पर चलने वाले ऑटो और ई-रिक्शा बेधड़क शहर में घुस आते हैं। शहर में संचालित होने वाले ऑटो और ई-रिक्शा का भी रूट निर्धारित नहीं है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना होता है। डग्गामारी के विरोध में कई बार जिला प्राइवेट बस ऑपरेटर्स यूनियन की ओर से भी ज्ञापन दिया जा चुका है।
लंबे समय के बाद अब पुलिस ने शहर समेत शहर से निकलने वाले विभिन्न रूटों पर ऑटो, ई-रिक्शा के व्यवस्थित संचालन का प्लान बना लिया है। इसे लगभग अंतिम रूप दे दिया गया है। पहले चरण में यह शहर में लागू किया जाएगा। शहर के भीतर चलने वाले ऑटो, ई-रिक्शा के लिए सी-वन कोड दिया जाएगा। प्रत्येक ऑटो और ई-रिक्शा पर तीन सी-वन कोड लिखे तीन स्टीकर लगाए जाएंगे। इन पर सीओ सिटी के मोबाइल नंबर के साथ संबंधित थानेदार और चौकी इंचार्ज के नंबर भी दर्ज होंगे। ऑटो चालक का मोबाइल नंबर भी लिखा रहेगा। एक स्टीकर आगे शीशे पर लगाया जाएगा और एक पीछे, जबकि एक स्टीकर वाहन के भीतर लगाया जाएगा। अगर तय रूट के अलावा संबंधित ऑटो, ई-रिक्शा दूसरे रूट पर मिलता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे रूटों पर भी लागू होगी व्यवस्था
- कोड के साथ ऑटो, ई-रिक्शा का संचालन पहले शहर में शुरू किया जा रहा है। इसके बाद शहर से उपनगरों के बीच चलने वाले ऑटो, ई-रिक्शा को भी कोड दिए जाएंगे। अगर कोई ऑटो बदायूं से ककराला के बीच चलता है तो उसको के-वन, उझानी के बीच चलता है कि उसको यू-वन आदि के हिसाब से व्यवस्था की जाएगी। ऑटो, ई-रिक्शा पर लगे कोड को पुलिस अधिकारी देखकर समझ जाएंगे कि वह अपने तय रूट पर है या फिर नियमों का उल्लंघन कर रहा है। इसके अलावा सभी ऑटो, ई-रिक्शा के नंबर के साथ उनके चालक और स्वामियों का पूरा पता भी रजिस्टर में दर्ज रहेगा। ऐसे में वह मनमानी नहीं कर सकेंगे।
ऑटो, ई-रिक्शा के कारण जाम की समस्या होती है। डग्गामारी की शिकायतें मिलती हैं। व्यवस्थित यातायात के लिए ऑटो, ई-रिक्शा को कोड दिया जा रहा है। इसी सप्ताह कोड संबंधी स्टीकर लगाने और रूट तय करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। रूट और नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - विनय कुमार द्विवेदी, सीओ सिटी