बदायूं। जिले भर में दशहरा का पर्व मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। गांधी ग्राउंड पर चल रही रामलीला के दौरान जहां दशानन और मेघनाद के विशालकाय पुतलों का दहन किया गया, वहीं गली मोहल्लों में बच्चों ने रावण के पुतले फूंके और आतिशबाजी छोड़ी। गांधी ग्राउंड पर भी पुुतला दहन के बाद आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मेले में भारी भीड़ रही।
श्री रामलीला महोत्सव कमेटी के तत्वावधान में गांधी ग्राउंड पर दशहरा के अवसर पर पुतला दहन कार्यक्रम हुआ, जिसे देखने के लिए शाम से ही यहां लोग जुटने लगे थे। पुतला दहन के समय तक यहां पैर रखने को भी जगह नहीं बची थी। शाम साढ़े छह बजे रामलीला का मंचन मेला परिसर में शुुरू हुआ। यहां भगवान राम और रावण की सेना आमने सामने युद्ध के लिए तैयार थीं। प्रभुराम ने विभीषण को एक बार फिर रावण को समझाने के लिए भेजा, लेकिन रावण ने माता सीता को लौटाने से इनकार कर दिया। इसके बाद भगवान राम, लक्ष्मण और हनुमान को मेघनाद से युद्ध के लिए भेजते हैं। रण भूमि में मेघनाद और लक्ष्मण का भीषण युद्ध होता है। घनघोर युद्ध के बाद लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं। रावण को जब मेघनाद की मृत्यु का समाचार मिला तो वह क्रोधित होकर रणभूमि में पहुंच गया। इसके बाद भगवान राम और रावण का भीषण युद्ध होता है। रावण अपनी माया से भगवान राम का ध्यान भटकाना चाहता है, लेकिन प्रभुराम उसकी हर माया का खंडन कर देते हैं। इसके बाद विभीषण के कहने पर प्रभु राम ने रावण की नाभि पर वार किया। एक ही बाण ने रावण के प्राण हर लिए। रावण का वध होते ही भगवान राम के जयकारे गूंजने लगे। रावण के वध के बाद मेला परिसर में लगे मेघनाद और रावण के पुतलों का दहन किया गया। पुतला दहन के बाद आतिशबाजी का प्रदर्शन किया गया। आसमान रंग बिरंगी आतिशबाजी से चमकने लगा, जिसे देखने वाले मंत्रमुग्ध हो गए। इस मौके पर डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी, एसपी सिटी जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, सीओ सिटी राघवेंद्र सिंह राठौर रामलीला कमेटी के अरविंद कांत समेत तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कादरचौक। विजयदशमी का पर्व यहां पर हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जगह-जगह रावण, मेघनाथ, कुंभकरण का पुतला दहन किया गया। यहां पर श्रीराम ने जैसे ही रावण के पुतले में आग लगाई पूरा रामलीला मैदान जय श्रीराम के जयकारे से गूंज उठा। श्रीराम और दशानन के बीच हुए युद्ध के दौरान रामलीला मैदान में लोगों की भारी भीड़ थी। पांव रखने भर की जगह नहीं बची थी। भगवान राम ने जैसे ही रावण के नाभि में तीर मारा तो रावण का विशालकाय पुतला धू-धू कर जलने लगा। रावण के साथ मेघनाथ व कुंभकरण का भी पुतला दहन किया गया। युद्ध का शुभारंभ भगवान राम की आरती पूजन के बाद हुआ। इस अवसर पर मेला अध्यक्ष उमेश गुप्ता, प्रमोद उपाध्याय, महंत रिषीदास आदि मौजूद थे।
इस्लामनगर। कस्बे में चल रहे रामलीला मेले का का उद्घाटन क्षेत्रीय सांसद संघमित्रा मौर्य ने किया। राम ने रावण को मारकर बुराई का अंत किया। कार्यक्रम को संभल के भाजपा जिलाध्यक्ष ओमवीर खड़गवंशी, पूर्व चेयरमैन वीरेन्द्र लीडर आदि ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर मेला अध्यक्ष कुलदीप गुप्ता, विनोद शंखधार, निखिल गुप्ता, मुकुल गुप्ता, लक्ष्मीकांत मिश्रा, रामकिशन शास्त्री आदि मौजूद थे।