नगला मंदिर में माता रानी की पूजा करते श्रद्धालु।संवाद
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बदायूं। नवरात्र के छठे दिन श्रद्धालुओं ने देवी कात्यायनी की पूजा कर उनसे मनौती मांगकर सुख समृद्धि की कामना की और देवी-दरबार में मत्था टेककर पुष्प, सुगंधित द्रव्य व अन्य पूजन सामग्री चरणों में अर्पित की। बृहस्पतिवार को मंदिरों में देवी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा था।
नवरात्र के छठे दिन माता दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा शहर के नगला मंदिर, बिरुआबाड़ी मंदिर, दुर्गा देवी मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में की गई। माता का यह स्वरूप बहुत ही अद्भुत है। ऐसी मान्यता है कि महर्षि कात्यायन ने मां भगवती को अपनी पुत्री के रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। महर्षि की तपस्या से प्रसन्न होकर भगवती ने उन्हें पुत्री का वरदान दिया। महर्षि कात्यायन के नाम पर ही इनका नाम कात्यायनी रखा गया। पंडित पवन शर्मा ने बताया कि मां कात्यायनी की पूजा-उपासना करने से मनुष्य को कठिन से कठिन कार्यों में आसानी से सफलता मिलती है। इनकी आराधना से डर और रोगों से मुक्ति मिलती है और सभी समस्याओं का समाधान होता है। इनके पूजन से अद्भुत शक्ति का संचार होता है। इस दौरान भक्तों ने व्रत भी रखे।
बिल्सी। बृहस्पतिवार को नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा की गई। इस दौरान नगर के हनुमानगढ़ी समेत अन्य मंदिरों पर श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। लोगों ने घरों में भी पूजा अर्चना करने के साथ अन्य अनुष्ठान किए और माता से आशीर्वाद मांगा। संवाद