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तप से इच्छापूर्ति के साथ मनुष्य का मन होता है शुद्ध

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गांव पिंदारा में भागवतकथा सुनातीं अम्बिका देवी - फोटो : BADAUN
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बिसौली। कथावाचिका अंबिका देवी ने कहा कि तप मनुष्य की इच्छापूर्ति के साथ साथ मन को भी शुद्ध करता है। इसके विपरीत तप के बाद अर्जित शक्ति का दुरुपयोग करने वालों को प्रभु दंड देते हैं।
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ग्राम पिंदारा स्थित ठाकुर जी महाराज मंदिर में चल रही भागवत कथा के दौरान कथा वाचिका ने कहा कि हिरण्यकश्यप ने कठिन तपस्या कर अनेक वरदान प्राप्त किए लेकिन उनका प्रयोग अधर्म में करने के कारण ही भगवान ने नृसिंह रूप धारण कर उसका वध कर दिया। अंबिका देवी ने स्त्री, ब्रह्मचर्य, वानप्रस्थ व संन्यास धर्म का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने ग्राह वध, समुद्र मंथन व वामन अवतार के प्रसंग सुनाए तो श्रोता भावविभोर हो गए।
भगवान राम के जन्म की संगीतमय कथा के दौरान पंडाल में मौजूद लोग नृत्य करने लगे। इस अवसर पर प्रधान संजीव यादव, प्रमोद उपाध्याय, पंकज, राहुल आदि प्रमुखता से मौजूद रहे।
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संकटमोचन दरबार में हुआ हवन
बिल्सी। सिरासौल रोड स्थित श्री संकट मोचन दरबार में महाशिवरात्रि पर्व पर शाम को विशेष हवन-यज्ञ हुआ। यहां भगवान शिव और बालाजी महाराज की आरती की गई। सभी को प्रसाद का वितरण किया गया। दरबार के प्रधान महंत संजय शर्मा ने बताया कि हर वर्ष महाशिवरात्रि पर यज्ञ किया जाता है। इस मौके पर शुभम शर्मा, मनोज कुमार, राजेश माहेश्वरी, शिवांग शर्मा, श्रेया शर्मा, कुसुम शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
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भागवत कथा सुनने से ही दूर हो जाते हैं पाप
बिल्सी। रायपुर बुजुर्ग में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन पलवल (हरियाणा) से पधारे कथावाचक ओमप्रकाश हंगामा महाराज ने कहा कि भागवत कथा श्रवण मात्र से ही पाप से मुक्ति मिल जाती है।
उन्होंने कहा कि जिस स्थान पर कथा होती है, वहां भगवान विराजमान होते हैं। भगवान नाम के जाप से विपत्ति व विकार नष्ट हो जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म के कुछ संभव नहीं होता है। जो मनुष्य सत्कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है और बुरे कर्म करने वाले को हमेशा बुरा ही फल मिलता है। भागवत कथा एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी पान किया जाए आत्मा तृप्त नहीं होती है। भागवत कथा सुनते ही ज्ञान और वैराग्य जाग जाए। इस मौके पर प्रेमपाल सिंह, राजकिशोर सिंह, जयवीर सिंह, गजराज सिंह, शंभू सिंह तोमर, चरण सिंह, अशोक पाल, विशाल सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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