बदायूं। गांधी ग्राउंड में चल रही रामलीला में सोमवार को लक्ष्मण शक्ति और मेघनाथ वध की लीला का मंचन किया गया। मेघनाथ से युद्ध लड़ते हुए लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। लक्ष्मण के मूर्छित होते ही प्रभु राम की आंखों से अश्रु की धारा बहने लगती है। प्रभु राम विलाप करते हुए कहते है कि मां सुमित्रा से आखिर क्या कहेंगे, जब वह लक्ष्मण के बारे में पूछेंगी। प्रभु राम के विलाप को देख दर्शक भावुक हो गए।
सोमवार की रात रामलीला में दिखाया गया कि हनुमानजी लंका दहन कर वापस भगवान राम के पास आते हैं और उन्हें रावण की लंका में सीता के होने की बात बताते हैं। इस पर राम-लक्ष्मण लंका पर चढ़ाई करने का निर्णय लेते हैं, लेकिन लंका में जाने के लिए रास्ता न होने के कारण रामेश्वर में पूजा कर रामसेतु के निर्माण का कार्य शुरू किया जाता है। पुल बनाने के बाद राम लक्ष्मण सुग्रीव की वानर सेना लेकर लंका पहुंचते हैं। वहां अंगद को शांति का दूत बनाकर रावण के पास भेजा जाता है, लेकिन रावण सीता को वापस सौंपने से मना कर देता है। इसके बाद युद्ध की शुरुआत होती है। लक्ष्मण के साथ रावण के पुत्र मेघनाथ का भीषण युद्ध होता है और मेघनाथ शक्ति बाण का प्रयोग कर लक्ष्मण को मूर्छित कर देता है। देर रात तक चली रामलीला को देखने के लिए दर्शक अंत तक डटे रहे।