उझानी/ कछला। माघ पूर्णिमा पर गंगा किनारे के कछला घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना के मद्देनजर मंगलवार को पूरे दिन तैयारियां चलती रहीं। चारों घाट की सफाई के बाद प्रकाश व्यवस्था और गंगा में गहराई वाले स्थान चिह्नित कर वहां बैरिकेडिंग कराई गई।
कछला घाट पर माघ पूर्णिमा का स्नान बुधवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त में शुरू हो जाएगा। करीब एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसको देखते हुए मंगलवार सुबह से ही नगर पंचायत के कर्मचारियों ने व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया। घाटों की सफाई के बाद गंगा में गहराई वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कराके उन पर लाल संकेतक लगा दिए गए। नगर पंचायत अध्यक्ष जगदीश सिंह लौनिया ने भी घाट का निरीक्षण किया। उन्होंने नाविकों और प्राइवेट गोताखोरों की भी व्यवस्था की है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारों घाट पर एक दर्जन से अधिक अस्थायी चेंजिंग रूम बनाए गए हैं। 15 नाव लगाई गईं हैं। प्रत्येक नाव पर नाविक के अलावा दो-दो गोताखोर भी मौजूद रहेंगे, जो किसी भी श्रद्धालु के डूबने पर उसे बचाने का काम करेंगे। नाविकों को यह जिम्मेदारी भी सौंपी गई है कि वह श्रद्धालुओं को गहराई वाले स्थानों की ओर नहीं जाने दें।
बता दें कि दो दिन पहले ही गंगा के जलस्तर वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से घाट के पास निचले स्थानों तक जल पहुंच गया था। उसके आसपास श्रद्धालुओं की सुविधा को अस्थायी रास्ता भी बनाया है।
ये हैं खतरनाक प्वाइंट
- जलस्तर से घिरे रेलवे पुल के चार पिलर के पास का इलाका।
- सड़क मार्ग पुल के तीन पिलर के पास गहराई अधिक।
- कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर पश्चिमी दिशा का इलाका।
- पूर्वी दिशा में श्मशान घाट के आसपास का क्षेत्र।
घाट से पहले बने दो पार्किंग स्थल
कछला घाट पर सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग राधेलाल कॉलेज के मैदान में कराई जाएगी। दूसरी तरफ कासगंज वाले छोर पर घाट से काफी पहले वाहनों को रोककर उसी ओर बने पार्किंग स्थल में खड़ा कराया जाएगा। घाट तक श्रद्धालुओं को पैदल ही जाना होगा।
ट्रैक्टर- ट्रॉलियों से एक दिन पहले ही आना शुरू हो गए श्रद्धालु
माघ पूर्णिमा पर स्नान को लेकर एक दिन पहले मंगलवार से ही श्रद्धालु कछला घाट पर आना शुरू हो गए। बुधवार को तड़के चार बजे से ही स्नान शुरू हो जाएगा। इसके लिए श्रद्धालु ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक दिन पहले ही पहुंच गए। मंगलवार को कई ट्रैक्टर-ट्रॉली से लोग कछला पहुंचे।
माघ पूर्णिमा से एक दिन पहले कछला घाट पर हुए इंतजाम। संवाद
माघ पूर्णिमा से एक दिन पहले कछला घाट पर हुए इंतजाम। संवाद