बुद्ध पूर्णिमा पर राजस्थान, हरियाणा, कासगंज, मथुरा सहित कई जिलों के लोग गंगा स्नान करने पहुंचे। तड़के चार बजे से ही गंगा स्नान शुरू हो गया। दिनभर घाट पर हर-हर गंगे के जयकारे गूंजते रहे।
बदायूं जिले में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर गंगा घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ा। सोमवार को तड़के चार बजे से ही कछला घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। गंगा में स्नान कर दान-पुण्य कमाया। गंगा स्नान का सिलसिला दोपहर 12 बजे के बाद भी जारी रहा। सुरक्षा के लिए पीएसी और नाविक सहित अधिकारी तैनात रहे।
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बुद्ध पूर्णिमा पर राजस्थान, हरियाणा, कासगंज, मथुरा सहित कई जिलों के लोग गंगा घाट पर पहुंचे। सुबह तड़के से ही गंगा स्नान शुरू हो गया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने हवन और यज्ञ कराया। इसके बाद पुरोहितों को दान दक्षिणा भेंट की। घाट की व्यवस्था देखने के लिए सुबह ही एसडीएम सदर मोहित कुमार ने गंगा घाट का दौरा किया।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
गंगा घाटों पर इस बार प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। डीएम अवनीश कुमार के आदेश पर साउंड बजाकर लोगों को जागरूक किया गया ताकि वे लोग गहरे पानी में जा सकें। श्रद्धालुओं को बताया गया कि घाट के दोनों ओर चेंजिम रूम बनाए गए हैं। गोताखोरों के साथ नाव भी लगाईं गईं। गहरे स्थानों पर खतरे के संकेतक भी लगाए गए।
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बनी रही जाम की स्थिति
बुद्ध पूर्णिमा के मेले में सुबह से ही जाम की स्थिति बनी रही। दोपहर तक जाम नहीं खुल सका। वाहन धीरे-धीरे रेंगते हुए निकले। जबकि कई थानों की पुलिस और यातायात पुलिस को भी जाम की स्थिति से निपटने के लिए लगाया गया था। फिर मेला क्षेत्र में वाहन आते-जाते रहे। नजदीक का पार्किंग स्थल खाली दिखाई दिया, जिसमें वाहनों को रोका ही नहीं गया।