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फसल नुकसान के सदमे में होमगार्ड की मौत!

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खेत पर फसल देखने गए एक होमगार्ड की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह गेहूं की फसल में नुकसान का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाए। घरवालों ने राजस्व कर्मियों को अवगत कराने के बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
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मामला नगर के मोहल्ला सरौरा का है। 55 वर्षीय शंकरलाल मौर्य होमगार्ड थे। उनके नाम सात बीघा कृषि योग्य भूमि है। पिछले दिनों बारिश और हवा से फसल धराशायी हो गई थी। शुक्रवार शाम वह खेत पर गए। रात में करीब 12 बजे शंकर लाल की मृत्यु हो गई। पत्नी त्रिलोकी देवी ने दिल्ली में मजूदरी कर रहे बेटे मुकेश को फोन कर शंकर लाल की मौत की जानकारी दी, वह शनिवार सुबह घर आ गया। मुकेश की मानें तो उसके पिता गेहूं की फसल में नुकसान से सदमे में थे। यह बात दो दिन पहले फोन पर हुई बातचीत के दौरान भी उन्होंने बताई थी।
मुकेश के मामा नौशेरा निवासी चंद्रपाल ने बहनोई की मौत को लेकर हल्का के लेखपाल से बात की। राजस्व निरीक्षक जुगेंद्र सिंह भी दोपहर में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने मौत की वजह जानने को शव का पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी लेकिन घरवाले शव को लेकर कछला गंगाघाट चले गए। राजस्व निरीक्षक श्री सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है, लेकिन मौत की वजह साफ नहीं है। कोतवाल देवराज राठी ने शंकरलाल के होमगार्ड में होने की जानकारी से इंकार किया है।
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शंकर के दो भाइयों की हुई
थी सरौरा हादसे में मौत
उझानी। होमगार्ड शंकर लाल की आर्थिक स्थिति यूं तो कोई खास खराब नहीं है, लेकिन चार भाइयों में तीसरे नंबर के शंकर लाल के बडे़ भाई मोहनलाल और राजेंद्र की मौत सरौरा हादसे में 25 दिसंबर-2010 को हो गई थी। शंकर की तीन संतान में दो बेटियां हैं। बेटियोें में ईश्वरीदेवी की शादी हो चुकी है। जबकि 15 साल की रिंकी कक्षा नौ की छात्रा है। शादीशुदा बेटा मुकेश दिल्ली में मेहनत-मजदूरी करता है।

खेत पर हार्टअटैक से किसान की मौत
थाना क्षेत्र के गांव खुनक में किसान धनपाल की हार्ट अटैक से किसान की मौत हो गई। परिवार वालों ने बिना पोस्टमार्टम के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सूचना मिलने पर लेखपाल ने गांव पहुंच कर जानकारी ली।
खुनक निवासी धनपाल (52) पुत्र उजागर के पास दो बीघा जमीन है। पांच बीघा जमीन उन्होंने बटाई पर ले रखी है। बारिश से उनकी गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। शनिवार को धनपाल खेत पर गेहूं काटने गए थे। अचानक उनकी हालत बिगड़ गई। आसपास खेतों में काम कर रहे किसान उनको खेत से उठाकर घर पर लाए। यहां उनकी मौत हो गई। धनपाल के पांच बेटियां और एक बेटा है। इनमें एक बेटी की अभी शादी नहीं हुई है।
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