मानवाधिकार संरक्षण प्रतिष्ठान की गोष्ठी में शिक्षाविद् माइक गौस ने कहा कि विश्व के सभी धर्मों में महिलाओं को सम्मानीय दर्जा दिया गया है। अब उनको अधिकारों के प्रति सजग करने की जरूरत है। एक डिग्री कॉलेज में हुई गोष्ठी में अलीगढ़ से आए डा. शकील समदानी ने कहा कि महिला में सर्वोच्च दर्जा मां का दिया गया है। एक मां है, जो बच्चों का भविष्य संवारने का काम करती है। प्राचार्य रियाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि भारत मेें विविधता में एकता के दर्शाता है। प्रदेश सचिव अकील अहमद ने कहा कि संगठन लोगों को शिक्षा के प्रति जोड़ने का काम करेगा। जिला महासचिव अयूब अली ने बाल श्रम रोकने पर जोर दिया। गोष्ठी में सचिव विकार अहमद, जुहेब अली सैय्यद, सालिम फरशोरी, रोमान हाशमी, सलमान अहमद, सुधीर सक्सेना रवींद्र सक्सेना, नदीम, प्रमोद बजाज, डॉ. सलीमउद्दीन सिद्दीकी, आफाक अली मौजूद रहे।