-उसावां के गांव उदैया नगला में छह साल पूर्व हुई थी हत्या
अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम नलिन कुमार श्रीवास्तव ने गांव उदैया नगला में छह साल पहले हुई हत्या में नामजद दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद और 23-23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि जमा होने पर बतौर मुआवजा वादी को 50 फीसदी देने का आदेश भी दिया है। घटना थाना उसावां के गांव उदैया नगला में 13 मई 2011 को हुई थी। गांव के ही वादी राजेश पुत्र बुलाकी ने 13 मई 2011 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि गांव के हवलदार का खेत अवनेश ने बटाई पर लिया। इसमें थ्रेसर से 12 पीपों की तोल से गेेेहूं निकाला गया। इस बात से नाराज हवलदार ने कहा था कि मैं गेहूं को बांटने नहीं दूंगा, सारी गेहूं की फसल खेत में पड़ी थी। अवनेश की मां उसके भाई मास्टर को फैसले के लिए खेत पर बुलाकर ले गई थी। जब फैसले की बात चल रही थी तो हवलदार ने नाराज होकर कहा कि तुम लोग बहुत बड़े पंच बनते हो, तुम सबको अभी यही देखता हूं। इतना कहते ही हवलदार ने मास्टर और अवनीश के साथ मारपीट शुरू कर दी और हवलदार के भतीजे बहोरन ने मास्टर के सिर में गोली मार दी। घटना में उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से भाग निकले।
न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया अभियोजन की तरफ से एडीजीसी प्रेम बाबू और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद हत्या में नामजद हवलदार पुत्र गुलजारी यादव, बहोरन पुत्र शिव सिंह को दोषी करार देते हुए उम्रकैद सहित दोनों को 23-23 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।