न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश दशम वीरेंद्र्र कुमार पांडेय ने आरोपी को जाली नोट रखने के आरोप में रामऔतार पुत्र लीलाधर भुर्जी को चार साल कैद सहित दो हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
घटना थाना उझानी क्षेत्र के कस्बा कछला चौराहे की है। 16 मई 1999 को एसआई सुरेश चंद्र कटारा ने थाने पर तहरीर दी कि जाली नोटों के संबंध में सुरागरसी और बरामदगी के लिए वह कछला थाना उझानी में व्यस्त थे। सूचना मिली की रामऔतार निवासी कछला जो बीडी का सेल्समैन है, उसके पास पांच-पांच सौ के कुछ जाली नोट हैं। जो कछला चौराहे पर लटूरी की दुकान के आगे खड़ा है। मुखबिर की सूचना पर विश्वास करके मंडी समिति के बैरियर की तरफ से उसे घेरकर रोका, तो उसने भागने की कोशिश की। पकड़ कर उसका नाम पूछा तो अपना नाम रामऔतार पुत्र लीलाधर भुर्जी निवासी भूसेपुर थाना बिल्सी हाल निवासी कस्बा कछला बताया। तलाशी लेने पर चार नोट पांच-पांच सौ के बरामद हुए। मामला सीजेएम बदायूं के न्यायालय से कमिट होकर न्यायालय में विचारण के लिए प्राप्त हुआ। आरोपी पर न्यायालय ने देश में चलने वाली मुद्रा के संबंध में किया गया अपराध का आरोप गंभीर माना और एक आरोपी जाकिर को बरी कर दिया। जज श्री पांडेय ने अभियोजन पक्ष की ओर से विलालउद्दीन एडीजीसी एवं बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी रामऔतार पुत्र लीलाधर भुर्जी को दोषी मानते हुए चार साल की कड़ी कैद सहित दो हजार रुपये का जुर्माना ठोका है।