जेल में रहेगा सात लोगों का परिवार, उम्रकैद की सजा
रुपयों के लेन-देन के विवाद में कर दी गई थी हत्या
अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम रईस अहमद ने रुपयों के लेन-देन के विवाद में की गई हत्या के मामले में नामजद दो सगे भाइयों समेत तीन को उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर 15-15 हजार रुपया जुर्माना भी डाला है।
हत्या की वारदात आठ अप्रैल 2012 को थाना वजीरगंज के गांव इटौआ में हुई थी। वादी हेमसिंह पुत्र सोबरन सिंह ने नौ अप्रैल 2012 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसका ममेरा भाई मुन्ना सिंह पुत्र हरपाल सिंह बचपन से ही उसके साथ रहता था। उसका भाई गांव में रुपयों का लेन-देन करके खर्च चलाता था। गांव के ही ब्रजमोहन सिंह पुत्र नत्थू सिंह के यहां उसका भाई अपना सामान ले जाकर रहने लगा था। ब्रजमोहन ने मुन्ना सिंह से 1.60 लाख रुपये उधार लिए थे। रुपये वापस मांगने पर मुन्ना सिंह और ब्रजमोहन में कहासुनी हो चुकी थी। आठ अप्रैल 2012 की शाम तीन बजे उसका भाई मुन्ना सिंह गांव में घूमने निकला था। वह वापस घर नहीं आया। उसे सुबह छह बजे सूचना मिली कि उसके भाई का शव बाग में पड़ा है।
पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना की। विवेचना में ब्रजमोहन के अलावा गांव के ही अवनेश, संजय उर्फ सोनू पुत्रगण जगमोहन के नाम प्रकाश में आए। विद्वान न्यायाधीश ने पत्रावली में मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी जगत सिंह यादव और बचाव पक्ष के वकील को सुनने के बाद ब्रजमोहन, अवनेश, संजय उर्फ सोनू को मुन्ना सिंह की हत्या में दोषी पाया। कोर्ट ने तीनों को उम्र कैद की सजा सुनाई और 15-15 हजार रुपये का जुर्माना डाला।
आजम खां मामले में सुनवाई अब 10 अप्रैल को
बदायूं। सपा नेता और सूबे के निवर्तमान कैबिनेट मंत्री आजम खां के खिलाफ देशद्रोह के मामले में सुनवाई अब 10 अप्रैल को होगी। सीजेएम मोहम्मद असलम सिद्दीकी ने अगली तारीख तय कर दी है। आजम के खिलाफ बजरंग दल नेता उज्ज्वल गुप्ता ने देशद्रोह का मामला दर्ज कराया था। मामले में वादी और गवाहों के बयान पहले ही दर्ज किए जा चुके हैं।