फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने गंभीर चोट पहुंचाने के आरोप में तीन सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए चार-चार साल कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
घटना थाना सहसवान के गांव नदायल की है। नदायल निवासी जरीना बेगम पत्नी भूरे खां ने थने पर सूचना दी थी कि उसने अपने घर में कटहल का पेड़ लगा रखा है। उसे पेड़ को गांव के ही मुन्ना की बकरी ने खा लिया। बकरी के पेड़ खाने की शिकायत करने पर मुन्ना, दिलीवर और मुनीफ के साथ नाजायज असलह लेकर वादिनी के घर पहुंचे। शोर होने पर परिवार के सदस्य छोटे आया। उसे उक्त तीनों ने जख्मी कर दिया।
विद्वान न्यायाधीश सोनिका चौधरी ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद मुन्ना, दिलीवर और मुनीफ को चोट पहुंचाने का दोषी करार दिया। तीनों को चार-चार साल कैद और 15-15 हजार रऊपये जुर्माना की सजा सुनाई।
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गैर इरादतन हत्या में दस साल की कैद, जुर्माना
अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम रईस अहमद ने गैर इरादतन हत्या के मामले में नामजद तीन आरोपियों में से एक को दोषी पाकर उसे दस साल की कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। दो आरोपियों के साक्ष्यों के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया।
घटना सिविल लाइंस थाने के गंगचौरा गांव की है। थाना क्षेत्र के गांव कुरऊ निवसी उमेश पुत्र हृदय प्रकाश ने 28 अक्तूबर 2012 करो थाने में तहरीर दी कि वह अपने खेत पर जा रहा था। पास वाले खेत में धान की कटाई की जा रही थी। धान की कटाई कर रहे मजदूरों ने झाडिय़ों से बदबू आने की बात बताई। वहां जाकर देखा तो सड़ी हुई लाश पड़ी थी। पुलिस मौके पर पहुंची। तलाश में मृतक की जेव से परवीन बेगम के पति अनीस उद्दीन की आईडी मिली। जांच में पता लगा कि कानपुर के रहने वाले इम्त्याज ने अपनी पत्नी से अवैध संबंध होने के शव में उसकी हत्या की थी। जांच के दौरान अनीस के साथी अनीस अहमद और मोहम्मद आकिल उर्फ छोटा के नाम उजागर हुए।
विद्वान न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी भगत सिंह यादव ने बहस की। दोनों पक्षों के वकीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश ने अमीर उद्दीन को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद और 15 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई। बाकी दो आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया।