डीआरडीए के बाबुओं ने गायब कर दीं पत्रावलियां
आदेश के बावजूद पीडी ने दर्ज नहीं कराई एफआईआर
अब इसे सीडीओ की मजबूरी कहें या डीआरडीए पीडी की दबंगई, कि अपने पटलों से संबंधित पत्रावलियां गायब करने वाले तीन पटल लिपिकों पर एफआईआर के आदेश सीडीओ के करने के बावजूद परियोजना निदेशक ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। यह तब है, जब जांच रिपोर्ट मिले करीब सवा महीना बीतने जा रहा है, जबकि रिपोर्ट के आदेश तो ढाई महीना बीत चुका है। इन पत्रावलियों के गायब होने के पीछे किसी बड़े घोटाले की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।
अपने पटलों से संबंधित अभिलेख गायब करने के आरोपी तीन पटल सहायकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश सीडीओ ने 11 अप्रैल और 12 मई को डीआरडीए के परियोजना निदेशक को दिए थे। इस मामले की जांच करके डीआरडीए के सहायक अभियंता की ओर से 16 जून को रिपोर्ट परियोजना निदेशक को दे दी गई थी। जांच रिपोर्ट मिलने के एक महीने बाद भी आरोपी लिपिकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है। इससे नाराज सीडीओ ने अंतिम चेतावनी देते 18 जून को एक आदेश पत्र जारी किया, जिसमें आरोपी लिपिकों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज कराने के लिए कहा गया था। एफआईआर कराने के साथ ही सीडीओ ने इससे अवगत कराने के निर्देश भी दिए। कहा कि अब लेटलतीफी माफ नहीं की जाएगी, लेकिन अभी तक पीडी ने आरोपी पटल सहायकों के खिलाफ एफआईआर नहीं कराई गई है।
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पटल सहायकों द्वारा पत्रावलियां गायब करने के मामले में जांच हो चुकी है। तीन पटल सहायकों के नाम सामने आए हैं। इन लोगों के खिलाफ जल्द एफआईआर कराई जाएगी।
-रवींद्र नाथ सिंह, डीआरडीए, पीडी