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यौन शोषित दलित किशोरी का कराया गर्भपात

Fri, 10 Jun 2016 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बदायूं।
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गैंगरेप - फोटो : अमर उजाला
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- भ्रूण को डीएनए टेस्ट के लिए किया गया प्रिजर्व
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- तीन महीने पहले किया गया था सामूहिक दुष्कर्म
तीन महीने पहले सामूहिक यौन शोषण के बाद गर्भवती हुई दलित किशोरी का शुक्रवार को जिला महिला अस्पताल में वैधानिक तरीके से गर्भपात कराया गया। भ्रूण को डीएनए टेस्ट के लिए प्रिजर्व किया गया है। परिवारवालों की सहमति के बाद ही किशोरी का गर्भपात कराया गया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरे की तलाश की जा रही है। सामूहिक दुष्कर्म का सच डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगा। 
अलापुर थाने के एक गांव की 14 वर्षीय दलित किशोरी के साथ मार्च, 2016 में गांव के ही नेकसू और दुर्गपाल ने दुष्कर्म किया था। किशोरी का भाई गुजरात में नौकरी करता है। घटना के वक्त किशोरी की मां और भाभी शौच को गई हुई थीं। उस वक्त पीड़ित परिवार ने लोक-लाज और डर की वजह से रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई थी। मंगलवार को किशोरी के पेट में तेज दर्द हुआ। परिवारवाले उसको लेकर डॉक्टर के पास गए। यहां जांच के बाद पता लगा कि वह गर्भवती है।
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किशोरी के गर्भवती होने का पता लगने पर परिवार वाले दंग रह गए। मामले में किशोरी के भाई की ओर से गुरुवार को थाने में नेकसू और दुर्गपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शुक्रवार को किशोरी का जिला महिला अस्पताल में प्राइमरी मेडिकल कराया गया। परिवारवालों ने उसके गर्भपात की मांग की। इस पर किशोरी का गर्भपात करा दिया गया। उसके गर्भ से निकले भ्रूण को डीएनए टेस्ट के लिए प्रिजर्व कर लिया गया है। 


 
किशोरी के गर्भ से निकले भ्रूण को डीएनए टेस्ट के लिए प्रिजर्व किया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में पड़ताल चल रही है। किशोरी से दुष्कर्म में नामजद आरोपियों ने किया है या नहीं? यह बात डीएनए रिपोर्ट आने के बाद साफ हो जाएगी।
-श्योराज सिंह, सीओ दातागंज/जांच अधिकारी


 
मैटरनल अर्मिनेशल ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत अवांछित गर्भ का गर्भपात कराने का प्रावधान है। लड़की की उम्र सिर्फ 14 साल बताई जा रही है। प्रसव होने पर उसकी जान को भी खतरा हो सकता था। परिवारवालों को लोक-लाज का भी भय बना है। इन परिस्थितियों में एमएपी एक्ट के तहत गर्भपात कराया गया है।
-डॉ. नरेंद्र कुमार, एसीएमओ


 - डीएनए रिपोर्ट से होगा पेचीदा मिस्ट्री का खुलासा
- एक आरोपी का सरकारी नौकरी में हो चुका है चयन

किशोरी के साथ दुष्कर्म नेकसू और दुर्गपाल ने ही किया या किसी और ने? इसके लिए पुलिस को भी भ्रूण की डीएनए रिपोर्ट का इंतजार करना है। इसके साथ ही किशोरी के मजिस्ट्रेट के सामने होने वाले 164 के बयान भी मायने रखते हैं। पुलिस भी मान रही है कि यह रेप मिस्ट्री पेचीदा हो गई है।
दलित किशोरी से रेप का एक आरोपी नेकसू पंडित आपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ डबल मर्डर का मामला विचाराधीन है। दूसरा कायस्थ बिरादरी का दुर्गपाल सामान्य परिवार से ताल्लुक रखता है। गांव में उसका चाल-चलन भी अच्छा है। इतना ही नहीं दुर्गपाल का हाल ही में सरकारी नौकरी में चयन भी हो चुका है। दुर्गपाल और नेकसू के परिवारों के बीच अच्छे ताल्लुकात भी नहीं हैं। इधर, किशोरी के परिवार और आरोपियों के बीच समझौते को लेकर भी बात चल रही है। दुर्गपाल और नेकसू के साथ उनके परिवार वाले भी दुष्कर्म के आरोप को सच नहीं मान रहे। वह उइसे पूरी तरह से बेबुनियाद बता रहे हैं। 
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दूसरी कहानी भी आ रही सामने
अगर पड़ताल सही दिशा में आए और डीएनए टेस्ट रिपोर्ट भी वक्त से मिल जाए, तो बहुत कुछ साफ हो सकता है। दोनों आरोपियों के परिवारवालों की मानें तो रेप मिस्ट्री के पीछे सच्चाई कुछ और ही सामने आ रही है। जांच अधिकारी भी इससे इत्तफाक रखते हैं। सूत्रों के मुताबिक, नेकसू और दुर्गपाल पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली दलित किशोरी से मार्च 2016 में गांव के ही एक युवक ने शारीरिक संबंध बनाए थे। किशोरी के परिवारवालों को यह पता लग गया था। उस वक्त दोनों पक्षों में आर्थिक समझौता हो गया था।
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