तीन थानों की पुलिस के साथ एसओजी भी लगाई
हाईवे जाम के दौरान पुलिस पर हमले का मामला
वजीरगंज थाने के गांव वनकोटा में हाइवे जाम के दौरान पुलिस पर पथराव, वाहनों में तोड़फोड़ और उपद्रव करने के आरोपियों की गिरफ्तारी को एसएसपी सौमित्र यादव ने चार टीमें लगाई हैं। टीमों में एसओ वजीरगंज, एसओ कुंवरगांव और एसओ सिविल लाइंस के साथ एसओजी को भी शामिल किया गया है। मामले में 14 नामजद और 125 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
कुंवरगांव थाने के गांव गर्रुइया निवासी मुकेश और धीरपाल की बुलंदशहर में हत्या कर दी गई थी। बुलंदशहर पुलिस ने मामले में वर्क आउट कर तीन हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। तीन हत्यारोपी अभी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। मंगलवार को मृतकों के परिवार वालों ने गांव के लोगों के साथ मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाइवे पर वजीरगंज थाने के गांव वनकोटा के साथ जाम लगा दिया था। जाम खुलवाने पहुंची पुलिस से गांव के लोगों की झड़प हो गई थी। इसमें एसपी देहात मुन्ना लाल, सीओ बिल्सी के गनर अखिलेश समेत कई लोग घायल हुए थे। उपद्रवियों की दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ भी की थी। स्थिति पर काबू के लिए पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी थी।
मामले में वजीरगंज थाने के दरोगा कर्मवीर की ओर से 14 नामजद और 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। दूसरे दिन भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। एसएसपी सौमित्र यादव ने एसओजी समेत चार टीमों को आरोपियों की गिरफ्तारी को लगाया है। ------
उपगर्रुइया की गलियों में सन्नाटा, घरों से भागे लोग
वजीरगंज। कुंवरगांव थाने के गांव गर्रुइया की गलियों में दूसरे दिन सन्नाटा रहा। 14 नामजद और 125 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गांव के ज्यादातर लोग पुलिस के खौफ से अपने घरों को छोड़ गए हैं।
गर्रुइया गांव वजीरगंज थाने के गांव वनकोटा का मजरा है। हालांकि यह गांव कुंवरगांव थाने में है। वनकोटा और गर्रुइया के बीच की दूरी करीब चार किलोमीटर है। पुलिस पर पथराव, उपद्रव और हाईवे जाम करने के मामले में 14 लोगों को नामजद किया गया है। यह नामजद लोग घरों से भागे हुए हैं। एफआईआर में 125 लोग अज्ञात लोगों की वजह से पूरे गांव के लोगों में दहशत है। महिलाएं भी घरों में दिखाई नहीं दे रहीं। बुधवार को एसपी देहात मुन्ना लाल पूरा दिन वजीरगंज थाने में डटे रहे। पीएसी को भी बुला लिया गया है।