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टेंपो चालक ने नर्स से की रेप की कोशिश

Mon, 01 Jan 2018 12:10 AM IST
बदायूं।
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rape
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टेंपो चालक ने नर्स से 
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की रेप की कोशिश
शहर से बैठाया, दातागंज रोड से जंगल में ले गया 
अमर उजाला ब्यूरो

बदायूं/ मूसाझाग। शहर से टेंपो में बैठकर दातागंज रोड पर निकली प्राइवेट अस्पताल की नर्स के साथ टेंपो चालक ने दिनदहाड़े रेप की कोशिश की। नर्स के शोर मचाने पर वह फरार हो गया। नर्स ने जवाहरपुरी पुलिस चौकी पर आरोपी के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने गंभीर मामले में भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 
थाना सिविल लाइन क्षेत्र के गांव लखनपुर निवासी एक युवक अपना टेंपो बदायूं से दातागंज रोड पर चलाता है। रविवार सुबह नौ बजे उसने शहर से दातागंज रोड के मुसाफिरों को बैठाया। दातागंज चौराहे से शहर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में काम करने वाली नर्स भी इस टेंपो में बैठी। उन्हें किसरूआ गांव में जाकर वहां से एक गर्भवती को अस्पताल लाना था। टेंपो में चालक के गांव के दो अन्य यात्री बैठे जो आगे जाकर लखनपुर में ही उतर गए। बताते हैं कि टेंपो चालक ने किसरूआ से पहले ही आमगांव के पास टेंपो को कच्चे रास्ते पर जंगल की ओर मोड़ लिया। नर्स ने विरोध किया तो टेंपो चालक उसे जबरन गन्ने के खेतों में उठाकर ले गया। वहां उसके साथ रेप की कोशिश की। महिला के चीखपुकार मचाने पर खेतों पर काम कर रहे लोग मौके पर पहुंच गए और महिला को टेंपो में बैठाकर वापस जवाहरपुरी पुलिस चौकी भेजा। तब आरोपी टेंपो लेकर मौके से फरार हो गया। महिला ने आरोपी के खिलाफ पुलिस चौकी पर तहरीर दी। पुलिस गांव गई पर आरोपी नहीं मिला। देर शाम तक उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। 
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नर्स से रेप की कोशिश का कोई मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। थाने में भी ऐसी कोई तहरीर नहीं है। जवाहरपुरी चौकी से जानकारी कर रहे हैं। तहरीर वहां आई है तो रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। 
- देवेश सिंह, इंस्पेक्टर सिविल लाइन
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रेप पीड़ित का पुलिस 
पर मारपीट का आरोप
चाची ने भी कुंवरगांव पुलिस पर अभद्रता का आरोप जड़ा 
एसओ बोले, किसी के बहकावे में आरोप लगा रही पीड़ित 
अमर उजाला ब्यूरो

बदायूं। रेप पीड़ित की रिपोर्ट लिखने के बजाय उसे घंटों बैठाने और फिर मौका मुआयना के नाम पर मारपीट का आरोप कुंवरगांव पुलिस पर लगा है। रेप पीड़ित और उसकी चाची ने महिला अस्पताल में 
पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। एसओ इन आरोपों को नकार रहे हैं। 
कुंवरगांव थाने के एक गांव में शुक्रवार रात अपनी चाची के साथ किशोरी से गांव के ही तीन युवकों ने दुराचार किया था। शनिवार सुबह से दोपहर तक पुलिस ने पीड़ित को थाने में बैठाए रखा तो शाम तक मौका मुआयना के नाम पर खेतों में टहलाती रही। शाम को उसकी रिपोर्ट दर्ज की गई। इसके बाद मेडिकल परीक्षण को जिला महिला अस्पताल आई किशोरी को यहां भर्ती कर लिया गया। रविवार को अस्पताल में भर्ती किशोरी ने अपनी चोटें दिखाते हुए आरोपियों की बर्बरता की कहानी सुनाई। उसने बताया कि एक दरोगा और दो महिला सिपाही उसे मुआयने के लिए गांव ले गए थे। वहां उससे घटनास्थल के बारे में पूछा तो उसने खेत में ले जाकर बता दिया। कुछ देर बाद उसकी चाची को लेकर गए और घटनास्थल के बारे में पूछा। तब चाची ने उन्हें वह जगह दिखाई जहां से शौच करते वक्त वह उसे खींचकर ले गए थे। तब सिपाहियों ने उसे पीटा। आरोप लगाया कि दरोगा ने उसकी चाची को थप्पड़ मारा। पुलिस का रवैया काफी निराशाजनक था। वह आरोपियों के ही पक्ष में खड़े दिख रहे थे। 
वहीं, आरोपों के बारे में पूछने पर एसओ प्रदीप यादव का कहना था कि मारपीट की बात बिल्कुल गलत है। किशोरी ने थाने में रहने के दौरान इस तरह का कोई आरोप नहीं लगाया था। शायद वह किसी के बहकावे में ऐसा कह रही है। उनका कहना था कि आरोपियों के घर दबिश दी जा रही है, उन्हें जल्दी ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। 
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आशा ज्योति केंद्र बेमतलब साबित 
शासन स्तर से रेप जैसे मामलों में पीड़ित पक्ष से मिलकर उसकी मदद करने, कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिहाज से हर जिले में आशा ज्योति केंद्र खोले गए हैं। महिला अस्पताल के जिस वार्ड में रेप पीड़ित किशोरी भर्ती थी, उसके ठीक ऊपर वाले कमरे में यह केंद्र संचालित है। केंद्र की तीनों सदस्यों को शनिवार दोपहर तक न तो घटना के बारे में पता था और न ही उनके पास किशोरी की लोकेशन की जानकारी थी। वह रजिस्टर का रिकार्ड मेंटेन करने में व्यस्त थीं। उन्होंने बताया कि साल का आखिरी दिन है, जिसकी वजह से उन्हें अपने काम का रिकार्ड भरकर जमा करना है।
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