व्यापारी सुभाष शर्मा की हत्या के मामले में एक नामजद आरोपी हरीश बजाज को थाने से छोड़ दिए जाने पर व्यापारी के परिवार वाले भड़क गए। व्यापारी की पत्नी, दो बेटे और एक बहन समेत छह लोगों ने एसएसपी ऑफिस के बाहर अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क लिया। गनीमत रही कि माचिस जलाने से पहले यहां तैनात पुलिस कर्मियों ने उनको रोक लिया। अगर जरा सी चूक होती तो छह लोगों का जान भी जा सकती थी। इन लोगों को बचाने के चक्कर में कई पुलिस वालों की वर्दी भी मिट्टी के तेल में भीग गई। इस बीच परिवारवालों ने आरोप लगाया कि पुलिस हत्यारों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने पुलिस वालों को खूब खरी-खरी सुनाईं। कई बार झड़प हुई। बाद में अफसरों ने उनको शांत कराया।
शहर के मोहल्ला जोगीपुरा निवासी बक्सा व्यापारी सुभाष शर्मा की गुरुवार शाम सरेबाजार गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। व्यापारी के भाई विजय पुष्कर ने देश दीपक बजाज, उसके पुत्र शशांक बजाज और रिश्तेदार हरीश बजाज को नामजद कराते हुए चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा कायम कराया था। शनिवार को कोतवाली पुलिस ने नामजद हरीश बजाज को हिरासत में ले लिया था। सुभाष शर्मा के परिवार वालों का आरोप है कि रविवार देर रात एक ‘माननीय’ के दबाव में हरीश बजाज को कोतवाली से छोड़ दिया गया।
सुभाष शर्मा की पत्नी सुदेश शर्मा, पुत्र अमरदीप, अर्जुन शर्मा, बहन उर्मिला शर्मा, भाभी चंद्रवती और भतीजा अभिषेक शर्मा पुलिस की इस हरकत पर आक्रोश में आ गए। सभी सोमवार साढ़े दस बजे एसएसपी दफ्तर पहुंचे। यहां इन लोगों ने अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क लिया। यह देखकर दफ्तर में हड़कंप मच गया। माचिस जलाने से पहले हरकत में आए पुलिस कर्मियों ने माचिस छीनकर सबको ऐसा करने से रोक लिया। एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी आरएस धामा, एसओ सिविल लाइंस अजय यादव मौके पर आए। व्यापारी के गुस्साए परिवार वालों को किसी तरह से समझाया। इन लोगों को बताया कि हरीश बजाज को छोड़ा नहीं गया है। उससे देश दीपक बजाज और शशांक बजाज के बारे में पूछताछ की जा रही है। व्यापारी के परिवार वालों को भरोसा दिलाया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हरीश का चालान कर जेल भेजा जाएगा। इसके बाद परिवार वाले शांत हुए।
मिट्टी के तेल में वर्दी भी भीग गई
बदायूं। सुभाष शर्मा के परिवार वाले पांच लीटर की केन के मिट्टी का तेल लेकर एसएसपी ऑफिस पहुंचे थे। पहुंचते ही इन लोगों ने एक साथ मिट्टी का तेल अपने ऊपर डालना शुरू कर दिया। अभिषेक शर्मा ने माचिस जलाने की कोशिश की। यह देखकर पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया। तमाम पुलिसकर्मी इनको रोकने पहुंचे। इस दौरान कई पुलिस वालों की वर्दी भी मिट्टी के तेल से भीग गई। परिवार के सभी सदस्यों के पास माचिसें थीं। तेल में भीगने के कारण गनीमत रही कि कोई माचिस जली नहीं। अगर ऐसा होता तो स्थित विकराल हो जाती।
फिर पकड़ा हरीश को
बदायूं। कोतवाली पुलिस ने व्यापारी के हत्यारोपी हरीश बजाज को शनिवार शाम गिरफ्तार कर लिया था। एक माननीय दबाव में आकर उसे कोतवाली से रविवार रात छोड़ भी दिया गया। सोमवार को जब व्यापारी सुभाष शर्मा के परिवार वालों ने एसएसपी ऑफिस में आत्मदाह की कोशिश की, तो हरीश बजाज को फिर से पकड़कर थाने लाया गया।
पहली बार दिखा ऐसा नजारा
बदायूं। यह पहली बार है जब एक साथ छह लोग एसएसपी ऑफिस में आत्मदाह करने पहुंचे हों। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ। एसएसपी ऑफिस का स्टाफ भी व्यापारी सुभाष शर्मा के इस कदम से हैरत में था। पूरे मामले पर अफसर चुप्पी साधे हुए हैं। सिर्फ इतना कह रहे हैं कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसका जवाब किसी के पास नहीं कि अगर छह लोगों की जान चली जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता?
खौफ में जीने से तो मौत ही बेहतर
फूट पड़ा पुलिस के खिलाफ गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो
बदायूं। यह अनायास नहीं था। बक्सा व्यापारी सुभाष गुप्ता की हत्या 30 मई को शाम साढ़े सात बजे सरेबाजार उस समय कर दी गई, जब वह तोताराम मार्केट स्थित अपनी दुकान में बैठे थे। पांच दिन में पुलिस मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई। एक को पकड़ा भी तो सत्ताधीश के दबाव में उसे भी कोतवाली से छोड़ दिया गया। हत्यारोपी देश दीपक बजाज से परिवार वाले खौफजदा हैं। उनका सिर्फ इतना कहना है कि, ऐसी जिंदगी से तो मौत ही बेहतर है।
देश दीपक बजाज और इसका पुत्र शशांक बजाज इससे पहले सुभाष शर्मा के पुत्र अमरदीप शर्मा पर 20 अक्तूबर 2013 को सरेबाजार कातिलाना हमला कर चुका है। 20 दिसंबर 2013 को इसने शिवपुरम गली नंबर एक निवासी संजय महाजन को गोलियों से भून दिया था। तीनों घटनाओं को देश दीपक बजाज ने सरेबाजार अंजाम दिया। वारदातों में इस्तेमाल भी 32 बोर का पिस्टल हुआ। पिता-पुत्र की अब तक गिरफ्तारी न होने से व्यापारी का परिवार खौफजदा है। उनका कहना है कि अगर उसे जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वह किसी और वारदात को अंजाम दे देगा।
15 दिन पहले भी हुई थी आत्मदाह की कोशिश
बदायूं। करीब 15 दिन पहले भी मोहल्ला चौधरी सराय की महिला हीरा फात्मा ने एसएसपी दफ्तर में आत्मदाह की कोशिश की थी। इस प्रकरण को अफसरों ने यह कहकर टरका दिया कि वह महिला है या पुरुष यह साफ नहीं है। उसका डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।
आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक आरोपी से कोतवाली में पूछताछ की जा रही थी। उसे छोड़ा नहीं गया था। मृतक के परिवार वालों ने भी बाद में इस बात को माना है। -सौमित्र यादव, एसएसपी