बिनावर के नदौलिया में सरेराह सिरफिरे ने की वारदात
पत्नी पर नाजायज संबंध होने का कर रहा था शक
थाना क्षेत्र के गांव नदौलिया में पुलिस मुठभेड़ और कातिलाना हमले के मामले में जमानत पर चल रहे नन्हे यादव नाम के सिरफिरे ने पहले तो अपनी पत्नी मीरा देवी का चाकू से गला रेता बाद में उसको सरेराह गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी को शक था कि मीरा के किसी से नाजायज संबंध हैं। वारदात शुक्रवार दिन में 11 बजे हुई। घटना के बाद आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
नदौलिया निवासी नन्हे यादव अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। उस पर कातिलाना हमला और पुलिस मुठभेड़ के मामले दर्ज हैं। इनमें वह कोर्ट से जमानत पर चल रहा था। 2012 के पुलिस मुठभेड़ के एक मामले में एडीजे नंबर आठ की कोर्ट में गुरुवार को फैसले की तारीख थी। नन्हे को आभास हो गया था कि इस मामले में उसे सजा होगी। गुरुवार को वह कोर्ट पहुंचा, लेकिन सुनवाई के दौरान कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। इस पर कोर्ट ने फैसले के लिए अगली तारीख तय कर दी। नन्हे को शक था कि उसकी पत्नी मीरा देवी के नाजायज संबंध हैं। वह जेल चला जाएगा तो उसकी पत्नी अपने आशिक के साथ रहेगी।
शुक्रवार सुबह नन्हे अपनी पत्नी मीरा को दवा दिलाने के बहाने घर से ले गया। गांव से करीब 100 मीटर की दूरी पर उसने बाइक रोकी और मीरा के गले पर छुरी से हमला कर लिया। घायल मीरा वहां से भागी तो नन्हे ने उनको तमंचे से सरेराह गोली मार दी। मीरा की मौके पर मौत हो गई। उसे ऐसा करता देख राहगीरों ने पकड़ने की कोशिश की तो उन पर भी तमंचा तान दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद नन्हे मौके से भाग गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मृतका के पिता शिशुपाल सिंह की ओर से मिली तहरीर पर पुलिस ने मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। नन्हे के पांच संताने तीन बेटियां और दो बेटे हैं।
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मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। मालूम हुआ है कि नन्हे अपराधिक प्रवृत्ति का है। उसके खिलाफ कातिलाना हमला और पुलिस मुठभेड़ के मामले दर्ज हैं।-सुनील कुमार सक्सेना, एसएसपी
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2012 में नन्हे ने कर दी थी पुलिस पर फायरिंग
बिनावर। नन्हे यादव अपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति थ.ा। छह साल पहले उसने अपने ही परिवार के डीपी यादव को मामूली विवार में चाकुओं से गोद दिया था। उस वक्त भी वह कातिलाना हमले में जेल गया था। बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी। इसके बाद भी नन्हे की आदत में सुधार नहीं आया।
कातिलाना हमले के मामले में वह कोर्ट में पेश नहीें हुआ। इस पर उसके खिलाफ वारंट जारी किया गया था। 2012 में पुलिस उसे गिरफ्तार करने गई तो उसने पुलिस टीम पर ही फायरिंग कर दी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। पुलिस मुठभेड़ का मामले में गुरुवार को कोर्ट का फैसला आना था। बकौल नन्हे की बड़ी बेटी ज्योति गुरुवार शाम उसने घर में जिक्र किया था कि पुलिस मुठभेड़ के मामले में उसे सजा हो सकती है। इस बारे में उसकी वकील से बात हुई है। उसने घर में यह भी कहा था कि जेल जाने से पहले वह कुछ काम निपटाना चाहता है। किसी को यह नहीं पता था कि उसके कामों में मीरा की हत्या भी शामिल है।
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बड़ी बेटी के लिए मीरा तलाश रही थी रिश्ता
बिनावर। नन्हे के पांच संतानों में तीन बेटियां और दो बेटे हैं। इनमें बड़ी बेटी ज्योति की उम्र करीब 18 साल है। नन्हे यादव को कोर्ट कचहरी की वजह से ज्यादा वक्त नहीं मिलता था। ऐसे में मीरा नाते-रिश्तेदारियों में बड़ी बेटी ज्योति के लिए लड़के की तलाश कर रही थी।
दूसरी बेटी राखी की उम्र भी करीब 15 साल है। तीसरी बेटी कीर्ति है बाकी दो बेटे मोनू और मोहित हैं। मां की हत्या में पिता के जेल जाने के बाद इन पांचों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा। नन्हे तीन भाइयों में सबसे बड़ा है। अपराधिक प्रवृत्ति की वजह से उसकी अपने दो छोटे भाइयों विशनपाल यादव और लालू यादव से भी नहीं बनती थी।