छात्रा को अगवा करने के मामले में लाई गईं सगी बहनों ने महिला थाने में गुरुवार को तड़के पांच बजे ब्लेड से हाथ की नस काटने की कोशिश की। इस प्रयास में काफी खाल कट गई और खून बहने लगा। यह देख महिला एसओ के होश उड़ गए। बाद में दोनों बहनों का प्राथमिक उपचार किया गया। बाद में करीब 11 बजे दोनों बहनों को सिविल लाइंस पुलिस के हवाले कर दिया गया जहां से उन्हें मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। बहनों ने पुलिस पर पूछताछ के दौरान टॉर्चर करने का आरोप लगाया है। शहर कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी की रहने वाली नाबालिग किशोरी और उसकी 24 वर्षीय बहन को सिविल लाइंस क्षेत्र निवासी एक नाबालिग छात्रा को अगवा करने के मामले में मंगलवार रात पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस मामले में दोनों बहनों के अलावा जालंधरी सराय के रहने वाले इल्मान और बबलू के खिलाफ भी सिविल लाइंस थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बुधवार सुबह अगवा छात्रा के मिलने के बाद आरोपी बहनों को महिला पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
बहनों का आरोप है कि दो दिन से महिला पुलिस उन्हें टॉर्चर कर रही थी। परेशान होकर बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने ब्लेड से हाथ की नस काटकर जान देने की कोशिश की। बाद में हाथ में गहरा जख्म और खून बहता देख दोनों का प्राथमिक उपचार किया गया। बाद में दिन में 11 बजे सिविल लाइंस थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। जहां से उन्हें मेडिकल के लिए भेजा गया। बाद में कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। घायल दोनों बहनों की हालत अब ठीक है। उधर, एसओ महिला थाना शर्मिला शर्मा ने उनकी मौजूदगी में ऐसी किसी घटना से इंकार किया है।