बिल्सी थाने के सिपाही शहीम खान और भीमसेन के हत्यारोपी जगतपाल शाक्य, उसकी पत्नी कांता, दो बेटियों और एक बेटे को सात दिन बाद कुंवरगांव थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया। जगतपाल के पास से 1.29 लाख रुपये नकदी और उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त फावड़ा, कुल्हाड़ी, चाकू और डंडे बरामद किए गए हैं। पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। छह दिन तक पूरा परिवार दिल्ली, हरिद्वार, चंड़ीगढ़, अंबाला आदि स्थानों पर घूमते रहा।
एसएसपी सौमित्र यादव ने प्रेसवार्ता में बताया कि बुधवार को हत्यारोपी बदायूं-कुंवरगांव रोड पर कासमपुर में यात्री शेड पर वाहन का इंतजार कर रहे थे, तभी एसओ कुंवरगांव ललित मोहन सिंह, इंस्पेक्टर उझानी गोपीचंद्र यादव, एसआई सुधाकर सिंह, एसओ बिल्सी नरेंद्र सिंह ने घेराबंदी कर दोपहर एक बजे सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जगतपाल सनकी किस्म का व्यक्ति है। उसने और उसकी पत्नी ने जुर्म इकबाल किया है।
गौरतलब हो कि बिल्सी थाने के गांव गढ़ौली में 17 फरवरी की रात जगतपाल शाक्य तेज आवाज में डीजे बजा रहा था। स्थानीय लोगों की शिकायत पर सिपाही शहीम खान और भीमसेन डीजे बंद कराने पहुंचे थे। यहां जगतपाल ने अपनी पत्नी कांता, दो बेटियों और एक बेटे के साथ मिलकर सिपाहियों पर कातिलाना हमला कर दिया, जिसमें गंभीर रूप से घायल सिपाहियों को जिला अस्पाल से बरेली रेफर किया गया था। शहीम की रास्ते में ही मौत हो गई। दो दिन के बाद भीमसेन ने भी दम तोड़ दिया। मामले में हत्यारोपियों की गिरफ्तारी को 16 टीमें बनाई गईं थी। आईजी ने सभी के ऊपर 25 हजार का इनाम भी रखा था।
बकौल जगतपाल दोनों सिपाही उसका साउंड सिस्टम उठाकर ले जा रहे थे। विरोध करने पर सिपाहियों ने उसके और उसकी पत्नी के साथ मारपीट कर दी। इस पर उसका पूरा परिवार सिपाहियों पर हमलावर हो गया। घटना के बाद वह सीधे दिल्ली गया। बाद में हरिद्वार, चंड़ीगढ़ और अंबाला गया। कुंवरगांव थाने के गांव कुआंडांडा में वह अपने रिश्तेदार के घर जा रहा था। इससे पहले पुलिस ने उसे दबोच लिया।