-आरोपी बहनोई फरार, पुलिस ने एकतरफा प्यार में हत्या मानी
बिसौली थाना क्षेत्र के गांव लक्ष्मीपुर में सोमवार रात एक युवक ने धारदार हथियार से सिर पर हमला कर साली को मार डाला और फरार हो गया। घटना की जानकारी रात में तीन बजे जगने पर तब हुई जब परिवार वालों ने लड़की का शव घर में पड़ा देखा। मृतका की मां ने आरोपी दामाद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने घटना के पीछे एकतरफा प्यार का मामला मानते हुए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
यह घटना लक्ष्मीपुर निवासी मोहम्मद के परिवार में हुई। वह खुद दिल्ली में रहकर नौकरी करता है। हत्या उसकी छोटी बहन शाहिना की हुई। आठ बहनों की शादी के बाद अब घर में उसकी मां मुन्नी बेगम, पत्नी अफसाना और शाहिना ही रहते थे। मोहम्मद के पिता की मौत हो चुकी है। पांचवें नंबर की बहन सोनी की शादी उसी गांव में नफीस अहमद से हुई है। सोनी सोमवार को मायके आ गई थी। बीती रात मां, दोनों बेटियां और बहू अलग-अलग चारपाई पर सोए थे। करीब तीन बजे मां मुन्नी बेगम किसी काम से उठीं तो चारपाई के पास बेटी शाहिना की लाश पड़ी देख सन्न रह गईं। चीखने पर बहू अफसाना और बेटी सोनी भी जाग गईं।
घर में कोहराम मचा तो आसपास के लोग भी पहुंच गए। घटना की सूचना मिलने पर पहुंची दबतोरी चौकी पुलिस ने छानबीन की तो सगे बहनोई नफीस अहमद का नाम सामने आया। पुलिस के दबिश देने पर आरोपी नफीस तो अपने घर में नहीं मिला मगर वहां भूसे में दबे खून से सने उसके कपड़े मिल गए। उसके घर में खून भी पड़ा था। मंगलवार सुबह बिसौली सीओ मुन्नालाल ने मौका मुआयना भी किया। चोटों को देखकर पुलिस का मानना है कि हत्या में प्रयुक्त हथियार फरसा रहा होगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जिस तरह की चोट बताई गई है, वह फरसे की लग रही है। रेप की आशंका के तहत स्लाइड भी बनाई गई है।
... तो आरोपी ने अपने घर में किया कत्ल
पुलिस को परिवार वालों ने बताया कि गांव में रहने के नाते नफीस का ससुराल में ज्यादा आना-जाना था। नफीस अपनी साली शाहिना से एकतरफा प्यार करता था। जबकि शाहिना गांव के दूसरे लड़के से शादी करना चाहती थी। नफीस ने सोमवार रात शाहिना का कत्ल कर दिया और फरार हो गया। पुलिस को शुरुआती छानबीन में लगता है कि आरोपी नफीस ने अपने घर में शाहिना की हत्या की और स्वयं को बचाने के लिए शव ले जाकर उसके घर में फेंक दिया, फिर अपने घर लौटकर नहाया और खून से सने कपड़े भूसे में दबाकर फरार हो गया। शाहिना खुद वहां गई या उसे नफीस ने बहाने से बुलाया, यह नफीस की गिरफ्तारी के बाद ही स्पष्ट होगा।