बहुचर्चित साधना शर्मा मर्डर केस में पुलिस ने फरार पांच आरोपियों में से यासीन बाबा को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। यासीन की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को भी उम्मीद है कि फरार आरोपियों में पीसी शर्मा समेत एक-दो नामजद जल्द ही कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं।
पुलिस ने बिल्सी थाना क्षेत्र के गांव बेहटा गुसाईं निवासी यासीन बाबा को शुक्रवार सुबह पकड़ा। कोतवाली लेकर पहुंची पुलिस ने यासीन से करीब दो घंटों तक पूछताछ भी की। यासीन ने हालांकि घटना से जुड़ी कोई नई बात बयां नहीं की लेकिन वह पहले पकड़े जा चुके डीआरडीए के बाबू गिरीशचंद्र मिश्रा, टवेरा मालिक राजू और मुजरिया में गिरफ्तार सुपारी किलर अब्दुल नवी उर्फ मस्ताना द्वारा बताई गईं बातों को ही दोहराता रहा। यासीन बाबा घटना में शामिल रहे इशरत का करीबी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस उसे घटनास्थल पर भी ले गई थी।
स्कूटी सवार नगर निवासी प्रभारी डीजीसी (क्रिमनल) साधना शर्मा की 23 मई को बदायूं से घर लौटते वक्त टवेरा कार चढ़ाकर हत्या कर दी गई थी। मृतका की बहन विपर्णा गौड़ ने घटना में हालांकि पूर्व विधायक योगेंद्र सागर समेत छह लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी लेकिन पुलिस ने विवेचना के दौरान केस वर्कआउट कर मृतका के करीबी पीसी शर्मा समेत आठ लोगों के नाम उजागर किए थे। हत्याकांड में शामिल पीसी शर्मा, पिंटू, इशरत और मोहब्बत उर्फ साजिद अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो पीसी समेत इशरत जल्द ही कोर्ट में सरेंडर कर सकते हैं। इधर, कोतवाल, गोपींचंद्र यादव ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही हैं।
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पुलिस की भूमिका पर उठता रहा है सवाल
उझानी। साधना शर्मा हत्याकांड में विवेचना से लेकर फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की भूमिका पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। पुलिस ने मृतका का न तो सेलफोन कब्जे में लिया था और न ही फरार आरोपियों तक पहुंचने के लिए ठोस कदम उठाए। कोर्ट से पुलिस ने फरार आरोपियों के गैर जमानती वारंट जरूर हासिल कर लिए थे, लेकिन उनके सेलफोन को लिसनिंग पर लगवाने के लिए आईजी से परमीशन भी नहीं ली गई।