गलतफहमी को लेकर रोडवेज की बस में कुछ युवकों में मारपीट हुई। हमलावरों के साथियों ने गन्तव्य पर पहुंची बस के चालक को धुन दिया। ये लोग चालक को पकड़कर अपने साथ ले जा रहे थे, लेकिन पुलिस के आने पर वह कामयाब नहीं हुए। पुलिस ने चालक तरफ से मुकदमा दर्ज करके एक हमलावर को गिरफ्तार कर लिया।
दिल्ली से वाया म्याऊ, हजरतपुर जाने वाली रोडवेज की बस सोमवार की शाम साढे़ सात बजे जैसे ही रिठिया गांव के निकट सवारियां उतारने को रुकीं। वैसे ही वहां पर बैठे आठ-दस युवक बस के अंदर आकर घुस गए और यात्रियों से मारपीट करने लगे। इनका आरोप था कि बस में सवार हजरतपुर गांव के कुछ लड़कों ने इनके परिवार की महिलाएं जो कि इसी बस में सवार थीं उन पर अभद्र फब्तियां कसी हैं। जबकि आरोपी लड़कों ने कहा कि वह आपस में हंसी मजाक कर रहे थे। जंगल में रुकी बस में मारपीट होती देख चालक राजेश अनहोनी की आशंका से घबराकर बस को लेकर भाग खड़ा हुआ। बस चलते ही हमलावर युवक खिड़की से कूद कर भाग गए लेकिन तीन लड़कों को यात्रियों ने पकड़ लिया। यात्रियों ने इन युवकों को चलती बस में धुनाई लगा दी और पीछे आ रही गश्ती पुलिस को सौंप दिया।
बताते हैं कि बस के चलते ही जो हमलावर उतर गए थे, उन्होंने चितरी गांव के अपने परिचितों को फोन कर दिया। जिस पर वहां से करीब आधा दर्जन युवक हजरतपुर स्टैंड पर आ धमके। बस के पहुंचते ही इन युवकों ने चालक राजेश को गाड़ी से खींच लिया। इनका आरोप था कि चालक की वजह से इनके तीन साथी पकड़े गए। इन लोगों ने बस चालक को बुरी तरीके से पीटा और पकड़कर अपने साथ ले जाने लगे। पीछे से पुलिस की गाड़ी आ गई, जिसे देखकर वह भागने लगे। मगर कुछ लोगों को पुलिस ने दबोच लिया। सूचना पर एआरएम भी हजरतपुर आ गए। काफी देर तक ड्रामा होने के बाद चितरी गांव के निसार पुत्र तौफिक के खिलाफ चालक ने रिपोर्ट दर्ज कराई। सूत्रों के मुताबिक चालक तो सभी हमलावरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा रहा था, लेकिन राजनीतिक दबाव की वजह से एक ही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पिछले साल भी चंगासी गांव के एक थ्री व्हीलर चालक को चितरी गांव में पकड़कर इन्हीं लोगों ने मरणासन्न कर दिया था। थ्री व्हीलर चालक का इतना जोर था कि उसने अवैध रूप से वसूली का विरोध किया था। उस समय भी पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते मामला रफा-दफा कर दिया था।