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डेढ़ सौ साल पुराने धर्म स्थल के गुंबद ढहाए

Sat, 03 Jan 2015 12:33 AM IST
बिनावर/बदायूं।
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बिनावर थाने के गांव खुनक में खुराफाती तत्वों ने करीब डेढ़ सौ साल पुराने धर्म स्थल के गुंबद ढहा दिए। घटना के बाद से इलाके में तनाव है। एडीएम (प्रशासन) अशोक श्रीवास्तव और एसडीएम (सदर) प्रदीप यादव ने किसी तरह से लोगों को समझाबुझा कर स्थिति संभाली। इस दौरान कई बार गुस्साए लोग पुलिस पर हमलावर हुए। लोगों का आरोप है कि एसओ बिनावर की कारस्तानी से खुराफाती तत्व इस हरकत में कामयाब हुए। गुरुवार की रात गांव में दो पक्षों के बीच झड़प हुई थी। इसकी शिकायत भी पुलिस से की गई लेकिन पुलिस ने इसे नजरअंदाज कर दिया।
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बिनावर थाने के गांव खुनक में करीब डेढ़ सौ साल पुराना एक धर्मस्थल है। धर्मस्थल पर हर साल चार दिन का मेला भी लगता है। इस धर्मस्थल के नाम 80 बीघा जमीन भी है। गुरुवार की रात ग्राम प्रधान रीता देवी के पति छोटे लाल ने अपने घर पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया था। इसमें तमाम लोगों ने शराब पी। इसके बाद यहां दो पक्षों के बीच झगड़ा हुआ। गांव के लोगों ने रात में ही इसकी सूचना बिनावर एसओ जमीरुल हसन को दी। पुलिस ने इसे नजरअंदाज कर दिया। रात में ही किसी वक्त खुराफातियों ने गांव के बाहर बने धर्मस्थल के छह गुंबदों को गिरा दिया।
सुबह होने पर गांव के लोगों को इस बारे में जानकारी हुई तो पूरे इलाके में तनाव फैल गया। धर्मस्थल पर हजारों लोग जमा हो गए। सूचना पर एसडीएम सदर प्रदीप यादव, सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा भी गांव पहुंच गए। बाद में एडीएम प्रशासन अशोक श्रीवास्तव, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमस्वरूप पाठक और पूर्व विधायक महेश चंद्र गुप्ता भी गांव पहुंच गए। गांव के लोग पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस ने मामला गंभीरता से लिया होता तो यह घटना नहीं होती। गुस्साए ग्रामीणों को करीब पांच घंटे बाद अधिकारी किसी तरह शांत करा सके। हालांकि मामले में देर शाम तक रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी। तनाव के मद्देनजर गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
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पुलिस पर हमलावर हो गए गुस्साए ग्रामीण
बिनावर। गुस्साए लोग जब पुलिस पर हमलावर हुए तो पुलिस के पांव उखड़ने लगे। विवादित एसओ जमीरुल हसन भी बचाव की मुद्रा में नजर आए। एसडीएम सदर प्रदीप यादव और सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा ने किसी तरह से पब्लिक को समझाया। गांव के लोगों का गुस्सा पुलिस और ग्राम प्रधानपति के खिलाफ था। एसडीएम सदर ने मामले में सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

पुलिस बैकफुट पर, प्रशासन ने संभाले हालात
खुनक में बिनावर पुलिस पूरी तरह से बैकफुट पर नजर आई। लोगों में थाना पुलिस के खिलाफ काफी आक्रोश था। एडीएम प्रशासन अशोक श्रीवास्तव और एसडीएम सदर प्रदीप यादव ने किसी तरह से ग्रामीणों को भरोसे में लिया। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीण कई बार पुलिस पर हमलावर होते हुए नजर आए। यहां प्रशासनिक अधिकारियों की सूझबूझ काम आई और पांच घंटे के बाद मामले में शांत करा लिया गया।

गांव में नई परंपरा को लेकर है गुस्सा
बिनावर। गांव में नई परंपरा को लेकर एक पक्ष के लोगों में गुस्सा है। एक पक्ष के लोगों ने हाल ही में यहां एक धर्मस्थल बना लिया है। इस धर्म स्थल में एक जनवरी को पहली बार इबादत की गई। इससे लोगों में गुस्सा है। इसकी शिकायत भी एसओ बिनावर जमीरुल हसन से की गई थी लेकिन इन्होंने इसे भी नजरअंदाज कर दिया। अगर समय रहते पुलिस सक्रियता से काम लेती तो हालात नहीं बिगड़ते।

जमींदार दरियाव सिंह ने बनवाया था धर्मस्थल
बिनावर। गांव के जमींदार दरियाव सिंह ने करीब डेढ़ सौ साल पहले इस धर्मस्थल का निर्माण कराया था। उन्होंने धर्मस्थल के लिए 80 बीघा जमीन दान दी थी। इन दिनों इन्हीं के वंशज सुरेंद्र सिंह इसकी देखभाल करते हैं। यहां रविंद्र पुजारी हैं।
जिन लोगों ने ऐसी हरकत की है वह किसी धर्म के नहीं हो सकते। यह हरकत सिर्फ सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश है। जिन लोगों ने भी यह हरकत की है उनकी पहचान करके कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -प्रदीप यादव, एसडीएम (सदर)
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