धार्मिक पुस्तक पर पैर रखा हुआ फोटो व्हाट्सएप पर वायरल होने के बाद सहसवान में सोमवार रात जमकर बवाल हुआ। गुस्साए लोगों ने हाईवे जाम करने के साथ राज्यमंत्री ओमकार सिंह के दफ्तर के पास और शहवाजपुर चौराहे पर जमकर आगजनी की। इस दौरान नगर पालिका चेयरमैन की गाड़ी को भी पथराव करके क्षतिग्रस्त कर दिया गया। स्थिति को देखते हुए कई थानों की पुलिस को बुला लिया गया है। मामले में पुलिस ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फिलहाल कस्बे में भारी तनाव है।
सहसवान के मोहल्ला कटरा शहवाजपुर के फैजान का आरोप है कि उसके मोबाइल पर नवादा मोहल्ले के रहने वाले अरुण ने एक फोटो व्हाट्सएप किया। इस फोटो में धार्मिक पुस्तक को पैरों के नीचे दिखाया गया है। जब उसने विरोध किया तो अरुण ने उसे गालियां दीं। सोमवार शाम तक यह मैसेज तमाम लोगों का पहुंच चुका था। इससे लोगों में गुस्सा दौड़ गया। रात करीब आठ बजे सैकड़ों लोग एकत्र होकर कोतवाली पहुंचे। इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने फैजान की तहरीर पर वरुण के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। वरुण के पिता संजीव और एक भाई को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
पुलिस कार्रवाई होने के बावजूद भीड़ में शामिल अराजकतत्वों ने हंगामा करते हुए साढ़े आठ बजे शहवाजपुर चौराहे पर हाईवे जाम कर दिया। इसी दौरान कुछ खुराफातियों ने राज्यमंत्री ओमकार सिंह को होर्डिंग उतार कर जलाना शुरू कर दिए। खुराफातियों की भीड़ बढ़ती हुई और माहौल गरमाता गया। करीब नौ बजे नगर पालिका चेयरमैन हाजी नूर उद्दीन लोगों को समझाने पहुंचे। यहां उनकी गाड़ी पर भी पथराव कर दिया गया। इसमें वह बच गए। भीड़ का एक जत्था राज्यमंत्री ओमकार सिंह के कार्यालय के पास पहुंच गया। यहां उनके कार्यालय के सामने लगे होर्डिंग को जला दिया। देर रात तक शहवाजपुर चौराहे पर जाम लगा हुआ था।
अराजकता की स्थिति, मनमानी करते रहे उत्पाती
सहसवान। पैरों के नीचे धार्मिक पुस्तक का फोटो व्हाट्सएप पर वायरल होने के बाद पूरे सहसवान में तनाव फैल गया। अराजकता की स्थिति के बीच खुराफाती मनमानी करते रहे। दो घंटे तक आगजनी होती रही, लेकिन पुलिस और प्रशासन का कोई बड़ा अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। एसडीएम और सीओ भी सहसवान में नहीं थे। आनन-फानन में मुजरिया, जरीफनगर थानों से भी फोर्स बुला लिया गया।
भीड़ के इरादे कोतवाली पर ही जाहिर हो गए थे। कोतवाली में घुसकर हंगामा किया गया। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी भीड़ शांत नहीं हुई। कोतवाली से सैकड़ों लोगों की भीड़ शहवाजपुर चौराहे पहुंची और उपद्रव शुरू कर दिया। इस दौरान घबराए दुकानदार दुकानों को बंद करके भाग गए। लोग घरों में कैद हो गए। आठ बजे से लेकर 10 बजे तब बवाल चलता रहा। एसडीएम सहसवान जंगबहादुर यादव और सीओ उमेश यादव भी सहसवान में मौजूद नहीं थे। प्रशासनिक अधिकारी के नाम पर सिर्फ नायब तहसीलदार राजकुमार कोतवाली पहुंचे।