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गिरफ्तारी को लगाई गई एसटीएफ

Sat, 03 Jan 2015 12:59 AM IST
बदायूं।
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थाने में नाबालिग से गैंगरेप के मामले की जांच-पड़ताल के लिए देर शाम लखनऊ से बदायूं पहुंचे एडीजी (क्राइम) एचसी अवस्थी और आईजी विजय मीना ने एसएसपी संतोष कुमार सिंह के साथ महिला थाने में पीड़िता और उसके परिवार वालों से बात की। आईजी क्राइम ने कहा कि आरोपी सिपाहियों की गिरफ्तारी के लिए लखनऊ की स्पेशल टास्क फोर्स लगाई गई है।
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एडीजी क्राइम ने कहा कि मेडिकल जांच में प्रथम दृष्टया किशोरी से रेप की पुष्टि की है। इसमें फॉरेंसिक एक्सपर्ट की मदद भी ली जा रही है। जरूरत हुई तो आरोपियों और पीड़िता की डीएनए जांच भी कराई जाएगी। महिला थाने में पीड़िता, उसके परिवार वालों से पूछताछ और मीडिया से बात करने के बाद सभी अधिकारी मूसाझाग रवाना हो गए।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी सिपाहियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ के साथ पुलिस की पांच टीमें भी लगाई गई हैं।
इस बीच एसओ मूसाझाग रामलखन यादव को सस्पेंड करने के बाद उझानी थाने के एसएसआई अशोक कुमार को मूसाझाग का एसओ बनाया गया है। मामले की विवेचना भी अशोक कुमार ही करेंगे।
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आरोपी सिपाही का चाचा धमका रहा पीड़ितों को
मूसाझाग। आरोपी सिपाही अवनीश यादव का चाचा सोबरन सिंह यादव भी मूसाझाग थाने में ही दरोगा है। घटना के बाद से यह कई बार पीड़िता के गांव जाकर उसके संबंधियों और ग्रामीणों को धमका चुका है। गांव वालों ने बताया कि गुरुवार-शुक्रवार को दिन में सोबरन कई बार गांव आया। इसने गांव वालों को धमकाया कि अगर किसी ने मुंह खोला तो ठीक नहीं होगा। गांववालों को आशंका है कि सोबरन सिंह विवेचना को भी प्रभावित करने की कोशिश करेगा।

जाति विशेष को थानेदारियां, यह तो होगा ही: धर्मेंद्र
किशोरी से थाने में गैंगरेप मामले में भाजपा यूपी सरकार पर हमलावर हो गई है। आंवला के भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने यूपी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि जब सिर्फ एक जाति विशेष के लोगों को ही थानेदारियां दी जाएंगी। जाति विशेष के सिपाहियों को अहम हल्के दिए जाएंगे, तो ऐसा ही होगा।
सांसद धर्मेंद्र कश्यप शुक्रवार को पहले पीड़िता के गांव पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़िता के संबंधियों और गांव के लोगों से बात की। इसके बाद जिला महिला अस्पताल पहुंच कर उन्होंने पीड़िता का हाल जाना। उन्होंने कहा कि पूरे जिले में जाति विशेष के थानेदार हैं। सिपाही भी जाति विशेष से ताल्लुक रखते हैं। बदायूं ही नहीं, पूरे सूबे की कानून व्यवस्था बेपटरी है। खुद पुलिस वाले रेप कर रहे हैं। कश्यप के साथ भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमस्वरूप पाठक, पूर्व विधायक महेश चंद्र गुप्ता, पूर्व विधायक अवनीश सिंह, दातागंज चेयरमैन राजीव गुप्ता, दीपमाला गोयल आदि साथ रहीं।

लग्जरी कार से वसूली करता था वीरपाल
मूसाझाग थाने का सिपाही वीरपाल यादव इलाके में दहशत का पर्याय था। वीरपाल यादव और अवनीश यादव की तैनाती 14 गांव और मजरे वाले हल्का नंबर दो में थी। गांव वालों की मानें तो दोनों सिपाही लग्जरी कार से दहशत फैलाने और अवैध वसूली करने निकलते थे। ग्रामीणों को बेवजह परेशान करना इनकी फितरत थी। सिपाही वीरपाल के भय से कोई आवाज नहीं उठा पाता था। दोनों सिपाहियों ने कई बार मिलकर ग्रामीणों से लूटपाट भी की।
करीब छह महीने पहले आरोपी सिपाही वीरपाल यादव सिविल लाइंस थाने की नवादा चौकी पर तैनात था। यहां भी इसने कई वाहनों के पहिए बेच दिए थे। इसके बाद इसे मूसाझाग भेज दिया गया था। करीब एक महीने पहले प्रह्लादपुर के विजेंद्र से वीरपाल यादव ने आठ हजार रुपये लूट लिए थे। गांव वालों की मानें तो वीरपाल यादव अपनी लग्जरी कार में तमंचे, चरस समेत कई अवैध सामान लेकर चलता था।

आसानी से नहीं छूटेगा खाकी पर लगा यह दाग
नए साल के पहले दिन जिले में खाकी पर जो दाग लगा है, वह आसानी से नहीं छूटेगा। घटना केचौबीस घंटे बाद तक रिपोर्ट दर्ज न करना, फॉरेंसिक एक्सपर्ट के आने से पहले आरोपी सिपाही के कमरे के ताले तुड़वा कर वहां से सामान हटवाना एसओ मूसाझाग की कारस्तानी रही है। मेडिकल में किशोरी से रेप की पुष्टि भी हो चुकी है। ऐसे में अगर सिपाहियों पर आरोप साबित होते हैं तो एसओ मूसाझाग रामलखन यादव भी120 बी के आरोपी बन सकते हैं।
बता दें कि 31 दिसंबर की शाम छह बजे सिपाही वीरपाल यादव और अवनीश यादव थाने से रवाना हुए थे। वीरपाल यादव साथी सिपाही अवनीश यादव के साथ लग्जरी कार से किशोरी के गांव पहुंचे। किशोरी शौच के लिए निकल रही थी। मौका पाकर दोनों ने उसे कार में डाल लिया। दोनों सिपाही किशोरी को लेकर थाने पहुंचे। यहां एक कमरे में उसके साथ गैंगरेप किया गया। इस दौरान थाने में शराब का दौर भी चला। रेप के बाद रात में ही किशोरी को गांव के बाहर छोड़ दिया गया।
एसएसपी संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर चौबीस घंटे बाद एक जनवरी को रात में सिपाहियों के खिलाफ गैंगरेप का मुकदमा दर्ज हुआ। उस वक्त एसओ मूसाझाग रामलखन यादव ने दोनों सिपाहियों को फरार बताया था। अब एक जनवरी को सुबह पांच बजे दोनों की आमद बताई जा रही है।
डीआईजी आरकेएस राठौर और एसओ के बयानों में विरोधाभास से साफ है कि पुलिस ने आमद दर्ज करने में खेल किया है। शुक्रवार को मेडिकल पैनल ने किशोरी से गैंगरेप की पुष्टि कर दी। इससे पहले एसओ मूसाझाग पूरे मामले में लीपापोती की कोशिश करते रहे। बाद में इन्होंने को नष्ट करने की भी पूरी कोशिश की।
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