-दातागंज से अगवा युवक का शव बदायूं शहर के नाले से बरामद
-तीन फरवरी को 45 हजार रुपये लेकर घर से निकला था भैंस खरीदने के लिए
दातागंज के गांव भुड़ली से अगवा युवक का शव एक महीने के बाद शहर में पुलिस लाइंस चौराहे के पास नाले से बरामद हुआ है। कई दिन पुराना होने की वजह से शव सड़-गल चुका था। खबर मिलने पर सीओ सिटी अभिषेक यादव ने मौके पर पहुंच कर जानकारी जुटाई। बाद में शव पोस्टमार्टम को भेज दिया गया। मृतक की शिनाख्त उसके परिवार वालों ने कपड़ों के आधार पर की। उसके अपहरण के आरोपी फुफेरे भाई ने पुलिस रिमांड के दौरान लाश नाले में डालने की बात बताई तो तो शव बरामद किया गया। हालांकि हत्या की वजह अभी सामने नहीं आई है लेकिन पैसे हड़पने को लेकर हत्या की बात समझी जा रही है
दातागंज कोतवाली के गांव भुड़ेली निवासी 37 वर्षीय सर्वेंद्र पुत्र नेत्रपाल तीन फरवरी को अपने फुफेरे भाई सिविल लाइंस थाने के गांव मुजाहिदपुर निवासी रामनिवास पुत्र पातीराम के साथ भैंस खरीदने के लिए 45 हजार रुपये लेकर निकला था। इसके बाद वह घर नहीं लौटा। काफी तलाश के बाद भी सर्वेंद्र का पता नहीं लगा तो उसके पिता नेत्रपाल ने दातागंज कोतवाली में नौ फरवरी को उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इस दौरान सर्वेंद्र के परिवार वालों के साथ राम निवास भी उसको तलाश करवाता रहा। शक होने पर नेत्रपाल ने 19 फरवरी को राम निवास पर सर्वेंद्र के अपहरण का शक जाहिर किया। पुलिस ने रामनिवास को नामजद करते हुए मुकदमा अपहरण की धाराओं में तरमीम कर लिया। इसके बाद राम निवास ने 25 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उसे जेल भेज दिया गया। एक महीने के बाद भी जब मामले में कोई प्रगति नहीं हुई तो सर्वेंद्र के परिवार वालों ने बरेली जाकर डीआईजी आशुतोष कुमार से मिलकर मामले के विवेचक पर आरोप लगाया। उनका आरोप था कि विवेचक लापरवाही कर रहे हैं। डीआईजी के आदेश पर हरकत में आई पुलिस ने रामनिवास को रिमांड पर लेकर पूछताछ की। राम निवास ने सर्वेंद्र की हत्या कर शव पुलिस लाइंस चौराहे के पास नाले में फेंकने की बात बताई। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया। शव बुरी तरह से सड़ चुका था। सर्वेंद्र के परिवार वालों ने कपड़ों के आधार पर उसकी शिनाख्त की।
आरोपी गुमराह करता रहा, पुलिस रही लापरवाह
दातागंज। सर्वेंद्र के लापता होने के बाद रामनिवास उसके परिवार वालों को गुमराह करता रहा। कई दिन तक वह खुद सर्वेंद्र के परिवार वालों के साथ उसकी तलाश कराता रहा। सर्वेंद्र के पिता नेत्रपाल को रामनिवास ने यह भी बताया था कि सर्वेंद्र उससे यह कहकर गया था कि वह नगरिया खनू स्थित अपनी ननिहाल में गया है। 19 फरवरी को पुलिस ने मुकदमा अपहरण की धाराओं में तरमीम कर लिया। लेकिन, मामले में लापरवाही की। 25 फरवरी को रामनिवास कोर्ट में सरेंडर करके जेल चला गया। इसके बाद भी पुलिस ने एक बार भी उसकी रिमांड लेने की जरूरत नहीं समझी लेकिन परिवालों की गुहार पर तीन दिन पहले डीआईजी रेंज आशुतोष कुमार ने मामले को गंभीरता से लिया तो पुलिस हरकत आई।
आरोपी की निशानदेही पर शव बरामद हुआ है। मौत की सही वजह पोस्टमार्टम के बाद ही साफ हो सकेगी। अपहरण का मामला पहले से दातागंज कोतवाली में दर्ज है। मामले में पुलिस पड़ताल कर रही है।
-अभिषेक यादव, सीओ सिटी