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डोडा के गोदामों पर संभल  पुलिस का छापा, कई धरे गए

Tue, 23 May 2017 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ बदायूं/आसफपुर।
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छापा - फोटो : अमर उजाला
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ककराला और फैजगंज बेहटा में हुई बड़े स्तर पर छापामारी      
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बनियाठेर थाने में दो गिरफ्तारियों के बाद की गई कार्रवाई      
संभल जिले के बनियाठेर में बदायूं के थाना फैजगंज बेहटा के दो लोगों की डोडा के साथ गिरफ्तारी के बाद सोमवार को संभल पुलिस ने सीओ चंदौसी सुरेश बाबू यादव के नेतृत्व में जिले में डोडा के गोदामों पर छापामारी की। अलापुर थाने के कस्बा ककराला और फैजगंज बेहटा के एक गोदाम में घंटों पड़ताल की गई। पुलिस के साथ नारकोटिक्स विभाग की टीम भी रही। सूत्रों की मानें तो यहां खामियां मिली हैं। सील गोदामों से डोडा की सप्लाई का मामला सामने आया है।    शनिवार को संभल जिले के बनियाठेर थाने की पुलिस ने फैजगंज बेहटा के गांव मोहरी निवासी देवेंद्र यादव और गांव मढैया के नन्हे कोरी को डोडा के साथ गिरफ्तार किया। दोनों ने पुलिस को बताया था कि यह डोडा वह फैजगंज बेहटा से लाए थे। इसकी सप्लाई पंजाब, पश्चिमी बंगाल और छत्तीसगढ़ के लिए करते थे। दोनों से पूछताछ के बाद संभल पुलिस ने बदायूं में डोडा के गोदामों में छापामारी की। यहां अलग-अलग स्थानों से पांच लोगों को हिरासत में भी लिया गया। छापामारी के दौरान डोडा का गोखरखंधा करने वालों में हड़कंप मचा रहा।       
गोदामों में स्टॉक का सत्यापन होगा      
बदायूं। सील पड़े गोदामों से डोडा सप्लाई के गोरखधंधे का खुलासा होने के बाद बदायूं के पुलिस-प्रशासन को भी डोडा के स्टॉक के सत्यापन की याद आ गई है। मंगलवार से जिले में सभी सात गोदामों में स्टॉक का सत्यापन किया जाएगा।       
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जिले में कुल आठ गोदाम
बदायूं। जिले में डोडा के कुल आठ गोदाम हैं। इनमें सबसे ज्यादा पांच गोदाम बिसौली तहसील क्षेत्र में हैं। डोडा सप्लाई का खुलासा होने के बाद बिसौली तहसील के गोदाम नारकोटिक्स विभाग के निशाने पर आ गए हैं। डोडा के साथ गिरफ्तार लोगों ने पुलिस से फैजगंज बेहटा के गोदाम से डोडा लाने की बात कही थी। दो गोदाम सदर तहसील और एक गोदाम दातागंज तहसील के ककराला में है।      
मार्च 2016 में सील किए गए थे गोदाम      
बदायूं। सरकार की ओर से डोडा पर पाबंदी लगाने के बाद सभी गोदाम मार्च 2016 में सील कर दिए गए थे। गौर करने वाली बात यह है कि गोदाम सील होने के बाद भी यहां से डोडा की सप्लाई का मामला सामने आया है। यह धंधा लंबे समय से चल रहा था। इसके बाद भी पुलिस और नारकोटिक्स विभाग को इसकी भनक नहीं लगी। बड़ा खुलासा होने के बाद अब संबंधित विभागों को इसकी याद आई है।      
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वजन बढ़ाने को मूंगफली और नारियल के छिलके का इस्तेमाल      
बदायूं। डोडा का गोरखधंधा करने वाले सील गोदाम से डोडा निकालने के बाद इसके वजन की पूर्ति करने के लिए इसमें मूंगफली और नारियल के छिलके मिलाया करते थे। ताजा खुलासा होने के बाद साफ हो गया है कि गोरखधंधा करने वाले लंबे समय से किसी तरह से पुलिस-प्रशासन और नारकोटिक्स विभाग की आंखों में धूल झोंक रहे थे।
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