समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष, प्रदेश के पूर्व मंत्री और विधान परिषद सदस्य बनवारी सिंह यादव को एसएमएस कर उनसे पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। रंगदारी मांगने की साजिश अपने भांजे की हत्या के आरोपी दो साढ़ुओं ने रची थी। दोनों आरोपी भांजे की हत्या के वादी को फंसाना चाहते थे।
एसएसपी सौमित्र यादव ने मंगलवार शाम पत्रकारों को बताया कि इस मामले में बिनावर थाना क्षेत्र सुभानपुर निवासी मास्टरमाइंड धर्मपाल को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका साढ़ूू कादरचौक थाना क्षेत्र के निधानपुर निवासी गौरीशंकर फरार है। दोनों ने जुलाई, 2014 में कादरचौक थाने के मिघासन गांव में नाना ओमपाल के घर रह रहे अपने भांजे यशवीर (12) की हत्या कर दी थी। गौरीशंकर के पिता ओमपाल ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मामले में गिरफ्तारी के बाद दोनों 27 जनवरी को जमानत पर रिहा हुए थे। इसके बाद ओमपाल को फंसाने के लिए धर्मपाल और गौरीशंकर ने पूर्व मंत्री को रंगदारी मांगने के लिए एसएमएस किया था। एसएसपी ने बताया कि पुलिस ने धर्मपाल के पास से वह मोबाइल भी बरामद कर लिया है, जिससे पूर्व मंत्री को छह एसएमएस किए गए थे।
बता दें कि 15 फरवरी दोपहर बाद पौने चार बजे यादव के मोबाइल पर एसएमएस करके पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। कहा गया था कि अगर 19 फरवरी तक उन्होंने पांच करोड़ रुपये एटा जिले में मिरहची चौराहे पर नहीं पहुंचाए, तो उनकी और उनके विधायक पुत्र आशीष यादव की हत्या कर दी जाएगी।
एसएमएस में एक मोबाइल नंबर भी दिया गया था। हिदायत थी कि रंगदारी देने के लिए मिरहची चौराहे पर पहुंच कर इस नंबर पर फोन किया जाए। मिरहची पहुंच कर जिस मोबाइल नंबर पर बात करने के लिए पूर्व मंत्री से कहा गया, वह ओमपाल का है।
पूर्व मंत्री यादव ने सोमवार को कादरचौक में पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में मंच से इस मामले का जिक्र किया, तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। देर रात कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हाई प्रोफाइल मामले के खुलासे के लिए कोतवाली पुलिस के साथ-साथ एसओजी को भी लगा दिया गया। कोतवाली पुलिस और एसओजी ने एसएमएस किए जाने वाले मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगा दिया। मंगलवार सुबह एसओजी ने बिनावर थाना क्षेत्र के सुभानपुर गांव से धर्मपाल समेत पांच लोगों को हिरासत में ले लिया था।
पूछताछ में पता चला कि इस मामले में धर्मपाल और गौरीशंकर की ही भूमिका थी। इस पर मास्टर माइंड धर्मपाल की गिरफ्तारी दिखाकर बाकी चार लोग छोड़ दिए।
टीम को पांच हजार इनाम की घोषणा
बदायूं। एसएसपी ने मामले का खुलासा करने के लिए एसओजी इंचार्ज इंद्रेशपाल सिंह, शहर कोतवाल एसएस बराच, एसआई नसीम खान, कांस्टेबल सौरभ शुक्ला, विपिन, मनोज, चंद्रहास, सुरेंद्र, मनोज कुमार और यशवीर सिंह को पांच हजार रुपये नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है।