फसल बर्बाद होने के सदमे में एक और किसान की मौत हो गई। उसके पास सिर्फ दो बीघा जमीन थी। गुरुवार को गेहूं निकलवाए तो दो बीघा खेत में 50 किलो गेहूं निकले। इससे वह परेशान था। मृतक के छोटे भाई की सात महीने पहले करंट से मौत हो गई थी। छोटे भाई के परिवार को वही पाल रहा था। परिवार वालों ने राजस्व विभाग को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक अविवाहित था।
मुजरिया थाने के गांव लहरा असदउल्लापुर के भगवानदास (30) पुत्र लेखराज विकलांग थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। भगवानदास के छोटे भाई नन्हे की करीब सात महीने पहले मौत हो गई थी। वह नन्हे का परिवार पाल रहे थे। परिवार के पास दो बीघा खेती है। इसमें उन्होंने गेहूं की फसल बोई थी। बारिश में फसल बर्बाद हो गई। गुरुवार को उन्होंने गेहूं निकलवाए तो दो बीघा खेत में सिर्फ 50 किलो गेहूं निकले। इससे उनको सदमा लगा। रात में खेत पर ही उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। घटना की सूचना राजस्व विभाग और पुलिस को दी गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।