शासन ने फरवरी 2008 में दवा घोटाले की जांच आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन को सौंप दी थी। संगठन के एसपी नागेश्वर सिंह ने सीएमओ के साथ जिला और जिला महिला अस्पताल के सीएमओ को नोटिस भेजा है। स्वास्थ्य विभाग से दवा सप्लाई के सभी रिकार्ड के साथ दवा कंपनियों को किए गए भुगतान का ब्योरा भी पूछा गया है। दवा स्टॉक रजिस्टर की प्रमाणित छायाप्रति के साथ तत्कालीन सीएमओ, सीएमएस के नाम, पते और मोबाइल नंबर देने को भी कहा गया है।
बता दें कि 2004 से 2006 के बीच यूपीडीपीएल लखनऊ के माध्यम से अधिकृत विक्रेता के डायवर्जन लेटर के आधार पर दवाएं खरीदी गई थीं। इनमें बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और हेरफेर हुआ। कंपनियों ने नकली दवाओं की भी सप्लाई की थी।
आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन ने दवा खरीद संबंधी जानकारियां मांगी हैं। 2004 से 2006 के बीच हुई दवा खरीद में गड़बड़ी हुई थी। मेरी जानकारी में आया है कि इस संबंध में बदायूं समेत सूबे के कई जिलों के सीएमओ, सीएमएस को नोटिस जारी किए गए हैं।-डॉ. सुबोध शर्मा, एडी हेल्थ