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हत्यारोपी को मारकर पेड़ से लटकाया

Sun, 25 Jan 2015 12:18 AM IST
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गांव अतरपुरा में जसवीर की हत्या करने वाले मल्लू को पेड़ पर लटकाकर मार दिया गया। गांव में तनाव की स्थिति को मद्देनजर रखते हुए पीएसी तैनात कर दी गई। मृतक की पत्नी ने अज्ञात हत्यारों के खिलाफ  रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस इस गुत्थी को सुलझाने में जुट गई है।
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कोतवाली के गांव अतरपुरा में शुक्रवार की रात जमीन के विवाद को लेकर आरोप है कि मल्लू ने अपने परिवार के ही भाई जसवीर पुत्र श्रीराम की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली सीने में लगी। पुलिस ने मल्लू के खिलाफ  हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। कोतवाल सिद्धार्थ मिश्र ने पुलिस बल के साथ गांव में दबिश दी लेकिन हत्यारोपी हत्थे नहीं चढ़ा। इधर, पुलिस गांव मेें मल्लू को तलाश रही थी, आरोप है कि हत्यारे मल्लू की हत्या कर लाश को पेड़ पर टांग गए। दिन निकलने पर जब गांव वाले शौच को गए तो मल्लू की लाश एक छोटे से पेड़ पर टंगी देखी। सूचना पर सीओ जगदीशचंद्र और प्रभारी कोतवाल सिद्धार्थ मिश्र मौके पर पहुंच गए। भारी भीड़ भी जुट गई। जब पुलिस ने पेड़ की लंबाई और घटनास्थल को देखा तो पूरा मामला साफ  हो गया। पुलिस का मानना है कि प्रथम दृष्टया हत्या का मामला बनता है लेकिन पूरी स्थिति पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट होगी। मल्लू की पत्नी ममता और मां गिन्नो देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में तनाव है। पीएसी और दो थानों की पुलिस तैनात की गई है। ममता ने अज्ञात लोगों के खिलाफ  हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।

पुलिस के गांव में तैनाती के दौरान घटना बनी चुनौती
बिसौली। पुलिस जसवीर और मल्लू हत्याकांड में उलझ गई है। पुलिस का गांव में तैनात होना और मल्लू की हत्या कर पेड़ पर टांग देना हत्यारों की दबंगई को बयां करती है। जसवीर की हत्या और मल्लू को पेड़ पर टांगने के बीच गांव में क्या-क्या हुआ, यह जांच का विषय है।
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अगर इस पूरे मामले को बारीकी से देखा जाए तो इस पूरी घटना में कई परतें हैं, जिन्हें क्रमवार खोलना जरूरी होगा। बता दें कि शुक्रवार की रात को साढ़े सात बजे मल्लू ने जसवीर की गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या की सूचना मिलते ही एसओ सिद्धार्थ मिश्र मय पुलिस के गांव में पहुंच गए। पुलिस ने पूरे गांव को खंगाला लेकिन मल्लू नहीं मिला। दो सिपाही जसवीर के घर और दो सिपाही मल्लू के घर पर तैनात थे। यह तो तय है कि मल्लू अपने घर पर नहीं आया। कहीं न कहीं छिप गया। अगर जसवीर के घर वालों को मल्लू के छिपने की जानकारी होती तो निश्चित ही पुलिस को सूचना दी जाती। जसवीर के सभी परिवार वाले बिसौली में थे। अब जिस गुप्त जगह पर मल्लू छिपा था, बस वहां के लोगों को ही उसका पता था। यह भी तय है कि मल्लू किसी दुश्मन के यहां पर नहीं होगा। किसी अपने के यहां पर ही मल्लू ने शरण ली होगी। जब मल्लू की लाश पेड़ पर लटकी थी तो उसकी पत्नी ममता रो-रोकर कह रही थी कि यदि रात में आ जाते तो कोई नहीं मार पाता।

कॉल डिटेल बन सकती है सहारा
रात को बारह बजे तक कोतवाल सिद्धार्थ मिश्र ने हत्यारोपी मल्लू को फोन किया था लेकिन उसने रिसीव नहीं किया। उसकी जेब से मिले मोबाइल में पौने आठ बजे एक नंबर पर बात की गई है। यह नंबर इस पूरे मामले को उजागर करने में सहायक होगा। क्या जसवीर की हत्या के बाद यह फोन किया गया था या उससे पहले यह भी जांच का विषय है। मोबाइल की लोकेशन भी मल्लू की हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस की मदद करेगी। अगर, यह हत्या है तो फिर हत्यारों ने जेब में मोबाइल कैसे छोड़ दिया। इसके साथ ही गांव के समीप ही मल्लू की पेड़ पर लटकी लाश मिलना भी पूरे मामले का उलझा रहा है।
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