शहर के मोहल्ला ब्राह्मपुर के एक बंद घर में रिटायर्ड इंजीनियर वीरेंद्र
गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो के शव मिले हैं। शव करीब चार दिन पुराने हैं।
दंपति की वजनदार रॉड से हत्या की गई लगती है। दंपति के बेटे बेटे मुकुल
गुप्ता को करीब आठ साल पहले बरेली पुलिस ने एक फर्जी एनकाउंटर में मार दिया
था। दंपति पूरे मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। सूचना पर देर रात
11.15 बजे एसएसपी सौमित्र यादव ने मौका-मुआयना कर मातहतों को घटना का जल्द
खुलासा करने के निर्देश दिए। दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।
शहर
कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्राह्मपुर में पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड
इंजीनियर वीरेंद्र गुप्ता (75) और उनकी पत्नी सन्नो (70) घर में रहते थे।
बुजुर्ग दंपति के घर का दरवाजा कई दिन से बंद था। बुधवार शाम उनके घर से
बदबू आने पर मोहल्ले के लोगों को अनहोनी का शक हुआ। किसी व्यक्ति ने इसकी
खबर पुलिस को दी। रात करीब 10.45 बजे कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। काफी
खटखटाने के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया। पुलिस
ने जब घर को खंगाला तो दोनों के शव किचन में पड़े पाए गए। दोनों के सिर पर
गहरे घावों के अलावा शरीर पर भी कई जगह जख्म थे। फर्श पर पड़ा खून काला पड़
चुका था। ऐसा लगता है कि दंपति की हत्या वजनदार रॉड से की गई होगी।
दंपति
का एक बेटा और एक बेटी बाहर रहते हैं। दूसरे बेटे मुकुल गुप्ता को तीन
जून, 2007 को बरेली में पुलिस ने एक फर्जी एनकाउंटर में मार दिया था। इस
मामले में एक आईपीएस अफसर समेत कई पुलिस कर्मियों पर केस चल रहा है।