कस्बा उसावां में करीब साढ़े तीन साल पहले हुई एक व्यक्ति की हत्या में नामजद दो सगे भाइयों समेत चार को कोर्ट ने दोषी पाकर उम्रकैद के साथ ही प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
घटना 12 मार्च 2013 को हुई थी। वादी ओमपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता श्यामबिहारी बदायूं से मुकदमे की तारीख करके आए थे जिन्हें पड़ोस के नन्हें लाल जमीन की जानकारी करने की बात कहकर बुलाकर ले गया था। देर शाम तक जब वह घर नहीं लौटे तब उन्होंने नन्हें लाल से पिता के बारे में पता किया। बताया कि उनके पिता संतोष उर्फ पिंकू पुत्र मंगली ठाकुर, गजेंद्र, नरेश पुत्रगण विजेंद्र सिंह और मनोज के साथ खेत पर बातचीत करते हुए छोड़कर आया था। वादी जब आरोपियों के घर गया तो वह नहीं मिले। तब गांव के छेंदा लाल और नन्हें ने बताया कि उसके पिता को आरोपियों के साथ तालाब पर देखा था। आरोपियों ने उसके पिता के सिर में गंभीर चोट पहुंचा कर और गले में गमछे से फांसी लगाकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए लाश को कुंए में डाल दिया था।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार जौहरी ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हत्या में नामजद आरोपियों को उम्रकैद के साथ ही प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।