-थाना धनारी में पांच साल पहले रंजिशन हुई थी वारदात
कोर्ट ने सभी आरोपियों पर 30-30 हजार का जुर्माना भी डाला
स्पेशल जज एससी-एसटी एक्ट पंकज कुमार अग्रवाल ने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे में नामजद पिता-पुत्रों और सगे भाइयों समेत 11 लोगों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। सभी पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की रकम से 50 फीसदी बतौर मुआवजा वादी पक्ष को देने का आदेश भी दिया है।
गैर इरादतन हत्या की वारदात संभल जिले के थाना धनारी के गांव भिरावटी कोडर का घेर में 16 सितंबर 2012 को अंजाम दी गई थी। वादी सोनपाल पुत्र काले ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने भाई नरेश के साथ उसके पुत्र हेम सिंह को दवा दिलाने भिरावटी जा रहा था। श्योराज के घर के पास पहुंचते ही पहले से घात लगाए बैठे गांव के ही कुंवरपाल, भूरे यादव, बालकराम पुत्रगण श्योराज, राजेश्वर, राजेंद्र पुत्रगण हप्पू यादव, तोताराम, हीरा सिंह पुत्रगण भूप सिंह, धर्मेंद्र पुत्र महीपाल, दिनेश पुत्र भोले, भोले पुत्र टीकाराम और राम निवास पुत्र चंदन ने खेत की रंजिश की वजह से उसके भाई नरेश पर लाठी-डंडों और फरसे से हमला कर दिया। इसमें नरेश गंभीर घायल हो गया। बाद में नरेश की इलाज के दौरान मौत हो गई।
न्यायाधीश पंकज कुमार अग्रवाल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी रईस अहमद और बचाव पक्ष के वकील की बहस सुनने के बाद गैर इरादतन हत्या के मामले में सभी 11 नामजद लोगों को दोषी पाया। सभी को उम्रकैद और 30-30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामले में दो अन्य आरोपियों को घटना के वक्त नाबालिग मानते हुए कोर्ट ने इनके संबंध में सुनवाई के संबंध में किशोर न्याय बोर्ड को लिखा है।