कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई को उन सभी साक्ष्यों की नकलें वादी पक्ष के लिए देनी होंगी जिनके आधार पर जांच एजेंसी ने मामले में क्लोजर रिपोर्ट लगाई थी। हाईकोर्ट ने यह आदेश जांच एजेंसी को दिया है। इधर, शनिवार को मामले में स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में बहस नहीं हो सकी। वादी पक्ष ने हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी कोर्ट में पेश की। इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 10 अगस्त मुकर्रर कर दी।
कटरा सआदतगंज कांड में सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। वादी पक्ष ने इसके खिलाफ प्रोटेस्ट किया था। स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत में मामले में सुनवाई चल रही थी। क्लोजर रिपोर्ट के समर्थन में सीबीआई अपनी दलीलें दे चुकी थी। वादी पक्ष को प्रोटेस्ट के समर्थन में अपनी बात कोर्ट में रखनी थी। वादी पक्ष के वकील ज्ञान सिंह शाक्य और एचएस नकवी ने स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की कोर्ट में पाक्सो एक्ट की धारा 25 (2) के तहत सीबीआई से सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों की नकलें मांगीं। कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया। वादी पक्ष ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी। इस पर हाईकोर्ट के न्यायाधीश अभिनव उपाध्याय कोर्ट नंबर 33 ने आदेश दिया कि वादी पक्ष को एक महीने के भीतर उन सभी साक्ष्यों की नकलें दी जाएं जिनके आधार पर सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट लगाई है। सभी गवाहों के 161 के बयानों की नकलें भी वादी को दी जाएं।
शनिवार को कोर्ट में सुनवाई शुरू होने के साथ वादी पक्ष के वकील की ओर से हाईकोर्ट के आदेश की प्रति कोर्ट में दाखिल की गई। कोर्ट ने इसका अवलोकन करने के बाद मामले पर सुनवाई के लिए 10 अगस्त मुकर्रर कर दी है। कोर्ट की कार्रवाई के बाद मीडिया से बात करते हुए सीबीआई के वकील कुमार रजत ने कहा सभी साक्ष्यों का अध्ययन किया जा रहा है। जांच एजेंसी हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन करने के बाद कोई निर्णय लेगी। इधर, वादी पक्ष के वकील एचएस नकवी और ज्ञान सिंह शाक्य ने कहा कि सभी नकलें मिलने के बाद वह इनका अध्ययन करेंगे। इसके बाद वह बहस को तैयार हैं।