न्यायालय प्रथम अपर जिला जज प्रमोद कुमार ने हत्या में नामजद आरोपी पति-पत्नी को आजीवन कारावास की सजा सुनाते हुए दोनों आरोपियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना डाला है।
घटना उझानी नगर के मोहल्ला साहूकारा की है। वादी मुकदमा ग्रीश कुमार गुप्ता पुत्र हरस्वरूप गुप्ता ने 19 जून 1993 को तहरीर दी थी कि पड़ोस के प्यारे लाल, हरीओम, अवनीश और ओमवती उससे रंजिश मानते हैं और उसकी दुकान पर कब्जा करना चाहते हैं। सात जून 93 को आरोपियों ने उसे मारा पाटी जिसकी लिखित सूचना थाने पर दी। 12 जून 1993 को सुबह आठ बजे उसकी पत्नी नीरादेवी घर में व उसकी मां कमाम की छत पर थीं। तभी प्यारे लाल, हरीओम, अवनीश व ओमवती एक राय होकर उसके घर में घुस आए और उसकी गर्भवती पत्नी नीरा देवी के ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। उसकी पत्नी चिल्लाई आवाज सुनकर उसकी मां नीचे उतरकर आई। जिन्होंने आरोपियों को आग लगाते हुए देखा। जब वह घर पर पहुंचा तो आरोपी घर से निकलकर भाग गए। वह अपनी घायल पत्नी को बरेली मिशन अस्पताल ले गया और जाने से पहले पुलिस चौकी कछला नाका पर सूचना दी। घायल नीरा देवी का मजिस्ट्रेट ने बरेली में बयान लिए। हालत गंभीर होने पर दिल्ली ले गया। वहां जाकर उसकी मृत्यु हो गई। आरोपी प्यारे लाल की दौरान-ए-मुकदमा मृत्यु हो गई। दूसरा आरोपी अवनीश किशोर घोषित किया गया।
विद्वान जज कुमार ने पत्रावली का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी मिर्जा राशिद बेग एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी हरीओम पुत्र प्यारे लाल और ओमवती पत्नी हरिओम को गर्भवती महिला की हत्या का दोषी पाकर उम्रकैद सहित दस-दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।